यूनेस्को के संरक्षित जैवमंडलों के विश्व नेटवर्क में शामिल भारत का 12वां जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र

प्रश्न-हाल ही में भारत के किस जैव मंडल आरक्षित क्षेत्र को यूनेस्को के संरक्षित जैवमंडलों के विश्व नेटवर्क में शामिल किया गया?
(a) नोकरेक
(b) पन्ना
(c) ग्रेट निकोबार
(d) पंचमढ़ी
उत्तर-(b)
संबंधित तथ्य

  • 27-28 अक्टूबर, 2020 के मध्य वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से यूनेस्को के मानव और जैवमंडल कार्यक्रम (MAB) की अंतरराष्ट्रीय समन्वय परिषद की बैठक आयोजित हुई।
  • इस बैठक में दुनिया भर से 25 स्थलों को यूनेस्को के संरक्षित जैवमंडलों के वैश्विक नेटवर्क में शामिल किया गया।
  • जिसमें भारत के मध्य प्रदेश स्थित पन्ना जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र को यूनेस्को के संरक्षित जैवमंडलों के वैश्विक नेटवर्क में शामिल किया गया।
  • यह यूनेस्को के संरक्षित जैवमंडलों के वैश्विक नेटवर्क में शामिल होने वाला भारत का 12वां जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र है।
  • इससे पूर्व भारत के कुल 18 जैवमंडल आरक्षित क्षेत्रों में से 11 इस सूची में शामिल हो चुके, जो इस प्रकार हैं-
  • नीलगिरि (वर्ष 2000), तमिलनाडु, केरल तथा कर्नाटक
  • मन्नार की खाड़ी (वर्ष 2001), तमिलनाडु
  • सुंदरबन (वर्ष 2001), पश्चिम बंगाल
  • नंदा देवी (वर्ष, 2004), उत्तराखंड
  • नोकरेक (वर्ष 2009), मेघालय
  • पंचमढ़ी (वर्ष 2009), मध्य प्रदेश
  • सिमलीपाल (वर्ष 2009), ओडिशा
  • अचानकमार-अमरकंटक (वर्ष 2012), म.प्र., छत्तीसगढ़
  • 9ग्रेट निकोबार (वर्ष 2013)
  • अगस्त्यमलाई (वर्ष 2016), केरल एवं तमिलनाडु।
  • कंचनजंघा (वर्ष 2018), सिक्किम
  • ज्ञातव्य है कि वर्ष 2011 में केंद्र सरकार ने पन्ना को जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र घोषित किया था।
  • पंचमंढ़ी और अचानकमार-अमरकंटक के बाद यह (पन्ना) तीसरा जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र है, जो जैवमंडलों के वैश्विक नेटवर्क में शामिल हुआ।
  • गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) ने वर्ष 1971 में मानव और जैवमंडल कार्यक्रम (MAB) की शुरुआत की थी।
  • इस कार्यक्रम का उद्देश्य पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण में प्रबंधन, अनुसंधान और शिक्षा से संबंधित अंतर्विषयक उपागम को बढ़ावा देना है।
  • इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि वर्ष 1977 में संरक्षित जैवमंडलों का वैश्विक नेटवर्क तैयार करना था।
  • इस नेटवर्क के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्दिष्ट वे संरक्षित क्षेत्र आते हैं, जिन्हें संरक्षित जैवमंडल (Biosphere Reserv) कहा जाता है।
  • इसका उद्देश मानव और प्रकृति के बीच एक संतुलित संबंध को प्रदर्शित करना है।
  • अब इस नेटवर्क के अंतर्गत विश्वभर के 129 देशों में संरक्षित जैवमंडलों की संख्या 714 हो गई है।
  • जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र क्या है।
  • यह स्थलीय और तटीय पारिस्थितिकी प्रणाली में आनुवांशिक विविधता बनाए रखने वाले बहुउद्देश्यीय क्षेत्र है।
  • यह तीन भागों में विभाजित होता है-
  • केंद्रीय भाग (Core Area)-यह एक बाधा रहित तथा प्राकृतिक रूप से रक्षित परितंत्र होता है।
  • बफर क्षेत्र (Buffer Area)- यह क्षेत्र कोर एरिया को चारों तरफ से घेरे रहता है। इसका प्रयोग सहायक क्रियाओं जैसे-पर्यावरण शिक्षा, मनोरंजन इत्यादि में किया जाता है।
  • संक्रमण क्षेत्र (Transition Area)-यह बफर क्षेत्र को चारों तरफ से घेरे रहता है। यहां संरक्षण के प्रयास के साथ निस्तारण, कृषि, वानिकी एवं पुनर्निर्माण और अन्य आर्थिक उपयोग जैसी गतिविधियां चलती रहती हैं।

लेखक-विवेक कुमार त्रिपाठी

संबंधित लिंक भी देखें…

https://en.unesco.org/mab

http://www.unesco.org/new/en/natural-sciences/environment/ecological-sciences/biosphere-reserves/asia-and-the-pacific/india/

https://en.unesco.org/biosphere/aspac