अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार

The Sveriges Riksbank Prize in Economic Sciences in Memory of Alfred Nobel 2019

प्रश्न-14 अक्टूबर, 2019 को स्टॉकहोम स्थित ‘द रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज’ द्वारा घोषित वर्ष 2019 हेतु अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार के तीन विजेताओं में शामिल भारतीय मूल की/के अर्थशास्त्री कौन हैं?
(a) गीता गोपीनाथ
(b) जगदीश भगवती
(c) राज चेट्टी
(d) अभिजीत बनर्जी
उत्तर-(d)
संबंधित तथ्य

  • 14 अक्टूबर, 2019 को स्टॉकहोम, स्वीडन स्थित -‘द रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज’ द्वारा ‘वर्ष 2019 हेतु अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार’ (Sveriges Riksbank Prize in Economic Sciences in Memory of Alfred Nobel, 2019) की घोषणा की गई।
  • इस वर्ष यह पुरस्कार संयुक्त रूप से जिन तीन अर्थशास्त्रियों को प्रदान किया जाएगा वे हैं :-
  • (i) अभिजीत बनर्जी
  • (ii) एस्थर डफ्लो
  • (iii) माइकल क्रेमर
  • इन तीनों अर्थशास्त्रियों को ‘‘वैश्विक गरीबी उन्मूलन में उनके प्रायोगिक दृष्टिकोण’’ हेतु पुरस्कृत किया जाएगा।
  • उल्लेखनीय है कि इन तीनों अर्थशास्त्रियों द्वारा संचालित अनुसंधान से गरीबी से निपटने की वैश्विक क्षमता में अभूतपूर्व सुधार हुआ है।
  • इन अर्थशास्त्रियों के नवीन प्रयोग आधारित दृष्टिकोण ने मात्र दो दशकों में ‘डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स’ (Development Economics) को बदल कर रख दिया है, जो अब अनुसंधान का एक उभरता हुआ क्षेत्र है।
  • उल्लेखनीय है कि भारतीय मूल के अभिजीत बनर्जी वर्तमान में अमेरिका के मेसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी’ (MIT) में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर हैं।
  • अभिजीत बनर्जी और एस्थर डफ्लो द्वारा लिखित पुस्तक ‘पुअर इकोनॉमिक्स’ (Poor Economics) को ‘गोल्ड मैन सैक्स बिजनेस बुक ऑफ द ईयर’ नामक पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
  • श्री बनर्जी एवं एस्थर डफ्लो द्वारा लिखित एक नई पुस्तक ‘गुड इकोनॉमिक्स फॉर हार्ड टाइम्स’ (Good Economics for Hard Times) है, जो नवंबर, 2019 में प्रकाशित होगी।
  • इसके अतिरिक्त श्री बनर्जी को वर्ष 2009 में सामाजिक विज्ञान-अर्थशास्त्र (Social Sciences-Economics) के क्षेत्र में इंफोसिस पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।
  • उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 के लोक सभा चुनाव हेतु भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अपने घोषणा-पत्र (Manifesto) में शामिल ‘न्यूनतम आय योजना’ (NYAY) को तैयार करने में श्री बनर्जी से सलाह ली थी।
  • वर्ष 2003 में श्री बनर्जी ने एस्थर डफ्लो तथा सेंधिल मुलईनाथन के साथ मिलकर ‘अब्दुल लतीफ जमील पावर्टी एक्शन लैब’ (Abdul Latif jameel Poverty Action Lab) की स्थापना की थी।
  • फ्रांसीसी-अमेरिकी महिला एस्थर डफ्लो (अभिजीत बनर्जी की पत्नी) मेसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के अर्थशास्त्र विभाग में प्रोफेसर हैं
  • 46 वर्षीय डफ्लो अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार के 50 वर्षों के इतिहास में इस पुरस्कार से सम्मानित की जाने वाली सबसे युवा अर्थशास्त्री हैं।
  • इनसे पूर्व अमेरिकी अर्थशास्त्री केनेथ जे. ऐरो (Kenneth J. Arrow) को 51 वर्ष की आयु में वर्ष 1972 में यह पुरस्कार प्राप्त हुआ था।
  • इसके अतिरिक्त एस्थर डफ्लो अर्थशास्त्र के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाली दूसरी महिला हैं।
  • उल्लेखनीय है कि अमेरिका की ‘एलिनॉर ऑस्ट्राम’ (Elinor Ostrom) अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार (वर्ष 2009 में) से सम्मानित की जाने वाली प्रथम महिला थीं।
  • अभिजीत बनर्जी-एस्थर डफ्लो ऐसे 5वें विवाहित दम्पति (Married Couple) हैं, जिन्होंने एक-साथ एक ही विधा में नोबेल पुरस्कार जीता है।
  • इस दृष्टि से शेष 4 विवाहित दम्पति हैं :-
  • (i) पियरे क्यूरी-मैरी क्यूरी (वर्ष 1903, भौतिक विज्ञान
  • (ii) फ्रेडरिक जोलियट-इरीन जोलियट-क्यूरी (वर्ष 1935, रसायन विज्ञान)
  • (iii) कार्ल फर्डिनेंड कोरी-गर्टी थेरेसा कोरी (वर्ष 1947, चिकित्सा विज्ञान)
  • (iv) एडवर्ड आई. मोसर- मे-ब्रिट मोसर (वर्ष 2014, चिकित्सा विज्ञान)
  • ज्ञातव्य है कि स्वीडन के विवाहित युगल गुन्नार म्यर्डल-अल्वा म्यर्डल भी नोबेल पुरस्कार विजेता हैं, लेकिन अलग-अलग वर्षों में दो अलग-अलग विधाओं में इन्होंने यह पुरस्कार जीता है।
  • वर्ष 2019 के अर्थशास्त्र के क्षेत्र के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित होने वाले तीसरे व्यक्ति अमेरिका के माइकल क्रेमर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं।
  • इन तीनों विजेताओं के मध्य कुल पुरस्कार राशि बराबर-बराबर (प्रत्येक को एक-तिहाई हिस्सा) बांटी जाएगी।

लेखक-सौरभ मेहरोत्रा

संबंधित लिंक भी देखें…
https://www.nobelprize.org/prizes/economic-sciences/2019/summary/

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