अग्नि-II मिसाइल का पहला सफल रात्रिकालीन परीक्षण

India conducts first night trial of Agni-II missile
प्रश्न-अग्नि-II मिसाइल से संबंधित निम्न कथनों पर विचार कीजिए-
(i) 16 नवंबर, 2019 को नाभिकीय सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-II का ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप (व्हीलर द्वीप) से सफल परीक्षण किया गया।
(ii) यह हवा-से-हवा में मार करने वाली मिसाइल है।
(iii) इसकी मारक क्षमता (परास) 2000 किमी. से अधिक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

(a) केवल (i) एवं (iii)
(b) केवल (i)
(c) केवल (i) एवं (ii)
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर-(a)
संबंधित तथ्य
  • 16 नवंबर, 2019 को स्वदेश निर्मित नाभिकीय सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-II का सफल रात्रिकालीन परीक्षण किया गया।
  • अग्नि-II मिसाइल को ओडिशा के बालासोर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप (व्हीलर द्वीप) के एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) के प्रक्षेपण स्थल 4 से मोबाइल लांचर द्वारा प्रक्षेपित किया गया।
  • इसका सफल परीक्षण भारतीय थल सेना के सामरिक बल कमान (SFC) द्वारा रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के वैज्ञानिकों के तकनीकी पर्यवेक्षक दल के अधीन किया गया।
  • अग्नि-II, एक मध्यवर्ती श्रेणी की बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) है, जिसे पहले ही भारतीय सेना में शामिल किया जा चुका है।
  • यह सतह-से-सतह पर मध्यम दूरी तक मार करने वाली मिसाइल है।
  • इसकी मारक क्षमता (परास) 2000 किमी. से अधिक है।
  • इसकी लंबाई 20 मीटर तथा वजन 17 टन है।
  • इस मिसाइल के दोनों चरणों में ठोस प्रणोदक ईंधन का प्रयोग किया गया है।
  • यह 1000 किग्रा. वजनी युद्धशीर्ष (Warhead) ले जाने में सक्षम है।
  • ज्ञातव्य है कि इससे पूर्व 20 फरवरी, 2018 को अग्नि-II का सफल परीक्षण हुआ था।

लेखक-विवेक कुमार त्रिपाठी

संबंधित लिंक भी देखें…

https://www.thehindu.com/news/national/agni-ii-missile-drdo-successfully-conducts-night-trial-for-first-time/article29993943.ece

https://www.drdo.gov.in/sites/default/files/drdo-news-documents/DRDO_News_19_Nov_2019.pdf

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