‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ के तहत दिए जाने वाले ऋण से गैर निष्पादित परिसंपत्ति की राशि में भारी वृद्धि

प्रश्न-हाल ही में प्राप्त जानकारी के अनुसार ‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ के तहत दिए जाने वाले कर्ज से वित्तीय वर्ष 2017-18 में ‘गैर निष्पादित परिसंपत्तियां’ की राशि कितनी हो गई?
(a) 5721.48 करोड़ रुपये
(b) 6271.31 करोड़ रुपये
(c) 7277.31करोड़ रुपये
(d) 9771.13 करोड़ रुपये
उत्तर-(c)
संबंधित तथ्य

  • प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत दिए जाने वाले कर्ज से वित्तीय वर्ष 2017-18 में गैर निष्पादित परिसंपत्तियों की राशि 7277.31 करोड़ रुपये हो गयी। यह जानकारी 13 फरवरी, 2019 वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने राज्य सभा में दी।
  • मुद्रा योजना की शुरूआत से लेकर मार्च, 2018 तक सभी सदस्य ऋण संस्थानों से विस्तारित ऋण लगभग 71,000 करोड़ रुपये थे।
  • उल्लेखनीय है कि ‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ 8 अप्रैल, 2015 को भारत सरकार द्वारा प्रारंभ की गयी थी, जिसका पूरा नाम प्रधानमंत्री माइक्रो यूनिट डेवलपमेंट रीफाइनेंस एजेंसी है।
  • इस योजना के तहत गैर कृषि एवं आजीविका चलाने वाले कामों हेतु आसान ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
  • इस योजना के तहत ऋण तीन अलग-अलग वर्गों में दिया जाता है, जिसमें शिशु ऋण के तहत 50,000 रुपये, किशोर ऋण के तहत 50,000 रुपये से 5 लाख रुपये तथा तरुण ऋण के तहत 5 लाख रुपये से 10,00,000 लाख रुपये तक का ऋण प्रदान किया जाता है।

लेखक-गजेंद्र प्रताप

संबंधित लिंक भी देखें…

https://economictimes.indiatimes.com/news/economy/finance/npa-under-mudra-yojana-stands-at-rs-7277-crore/articleshow/67965462.cms

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