SBI: पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना द्वारा CNAPS में शामिल किया जाने वाला पहला भारतीय बैंक

प्रश्न-SBI को CNAPS (चाइना नेशनल एडवांस पेमेंट सिस्टम) के क्रियान्वयन के PBOC (पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना) की मंजूरी मिली थी।
(a) दिसंबर, 2018 में
(b) जनवरी, 2016 में
(c) जुलाई, 2016 में
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-(d)
संबंधित तथ्य

  • 2 अगस्त, 2019 को SBI द्वारा किए गए एक महत्वपूर्ण उद्घोषणानुसार SBI की शंघाई शाखा अब चीन के नेशनल एडवांस पेमेंट सिस्टम (CNAPS) से जुड़ गई है।
  • इससे एसबीआई CNAPS के परिचालन में काम करने वाला पहला भारतीय बैंक बन गया है।
  • ध्यातव्य है कि पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBOC) ने वर्ष 2008 में CNAPS की शुरुआत की थी।
  • इसके बाद युआन के अंतरराष्ट्रीय इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2015 में CIPS (चाइना इंटरनेशनल पेमेंट्स सिस्टम) अथवा क्रॉस बॉर्डर इंटर बैंक पेमेंट सिस्टम की शुरुआत की थी।
  • CIPS के पास पहले ही दुनियाभर में कई देशों के भागीदार हैं।
  • SBI स्थानीय मुद्रा (चीनी मुद्रा) में कारोबार करने का लाइसेंस पाने वाला तथा PBOC द्वारा CNAPS में शामिल किया जाने वाला एकमात्र भारतीय बैंक है।
  • ध्यातव्य है कि SBI को CNAPS के क्रियान्वयन के लिए दिसंबर, 2016 में PBOC की मंजूरी मिली थी।
  • विभिन्न सॉफ्टवेयरों तथा हार्डवेयरों को सफलतापूर्वक स्थापित करने के बाद 8 जुलाई, 2019 को इसे PBOC के लाइव सिस्टम से जोड़ कर परीक्षण किया गया।
  • CNAPS का सदस्य हो जाने के बाद SBI की शंघाई शाखा भी अब चीन में स्थानीय कोष की रीयल टाइम हस्तांतरण करने की सुविधा दे सकती है।

संबंधित लिंक भी देखें…
https://www.news18.com/news/india/sbis-shanghai-branch-becomes-first-indian-bank-to-link-up-with-china-national-advance-payment-system-2255987.html
https://www.businesstoday.in/current/corporate/sbi-becomes-1st-indian-bank-to-link-up-with-chinas-national-advance-payment-system/story/370260.html https://economictimes.indiatimes.com/industry/banking/finance/banking/sbi-shanghai-becomes-first-indian-bank-to-link-up-with-china-national-advance-payment-system/articleshow/70498046.cms

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Time limit is exhausted. Please reload CAPTCHA.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.