प्रश्न – निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए –
- दिसंबर, 2025 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पहली बार मोटापे को एक दीर्घकालिक, पुनरावर्ती बीमारी मानते हुए इसके उपचार में GLP-1 (Glucagon-Like Peptide-1) दवाओं के उपयोग पर गाइडलाइन जारी की है।
- नई गाइडलाइन में गर्भवती महिलाओं को GLP-1 दवाओं के उपयोग की अनुमति नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं ?
(a) 1 और 2 दोनों (b) केवल 1
(c) केवल 2 (d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (a)
व्याख्यात्मक उत्तर
- दिसंबर, 2025 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पहली बार मोटापे को एक दीर्घकालिक, पुनरावर्ती बीमारी मानते हुए इसके उपचार में GLP-1 (Glucagon-Like Peptide-1) दवाओं के उपयोग पर गाइडलाइन जारी की है।
- सितंबर 2025 में WHO ने GLP-1 दवाओं को टाइप-2 डायबिटीज़ के उच्च जोखिम वाले समूहों के प्रबंधन हेतु Essential Medicines List में शामिल किया था।
- नई गाइडलाइन के माध्यम से WHO मोटापे से संघर्ष कर रहे लोगों के लिए इन्हें एक व्यापक उपचार दृष्टिकोण का हिस्सा बनाते हुए “सशर्त अनुशंसा” जारी करता है — जिसमें स्वस्थ आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का समर्थन शामिल है।
- नई गाइडलाइन मेंगर्भवती महिलाओं कोGLP-1 दवाओं के उपयोग की अनुमति नहीं है।
- GLP-1 दवाएँ लेने वालों को आहार-व्यायाम आधारित “इंटेंसिव बिहेवियरल इंटरवेंशन” की सलाह दी गई है।
- GLP-1 therapies नामक उपचार श्रृंखला पर केन्द्रित है, जिसमें लिराग्लूटाइड, सेमाग्लूटाइड और टिरज़ेपाटाइड (liraglutide, semaglutide and tirzepatide) जैसी दवाएँ शामिल है।
- GLP-1 दवाएँ वजन घटाने, ब्लड शुगर नियंत्रण और हृदय-गुर्दा जोखिम कम करने में कारगर हैं।
- वर्ष 2030 तक मोटापे की वैश्विक आर्थिक लागत 3 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर प्रतिवर्ष पहुँचने का अनुमान है। यह गाइडलाइन संबंधित स्वास्थ्य खर्चों को कम करने में सहायता कर सकती है।
- उल्लेखनीय है कि मोटापा एक बढ़ती हुई वैश्विक चुनौती है, जिससे विश्व में लगभग 1 अरब से अधिक लोग प्रभावित हैं।
- एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 में मोटापा 3.7 मिलियन मौतों से जुड़ा रहा। यदि निर्णायक कदम नहीं उठाए गए, तो वर्ष 2030 तक मोटापे से ग्रस्त लोगों की संख्या दोगुनी हो सकती है।
लेखक- नवनीत सिंह
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