प्रश्न – निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए –
- नवंबर, 2025 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बांझपन की रोकथाम, निदान और उपचार के लिए अपना पहला वैश्विक दिशानिर्देश प्रस्तुत किया है।
- नए दिशा-निर्देशों में बांझपन को 12 महीने या उससे अधिक समय तक नियमित, असुरक्षित यौन संबंध के बाद गर्भधारण न होने की स्थिति के रूप में परिभाषित किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं ?
(a) 1 और 2 दोनों (b) केवल 1
(c) केवल 2 (d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (a)
व्याख्यात्मक उत्तर
- नवंबर, 2025 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बांझपन की रोकथाम, निदान और उपचार के लिए अपना पहला वैश्विक दिशा-निर्देश प्रस्तुत किया है।
- इसका उद्देश्य विश्व भर में फर्टिलिटी केयर को अधिक सुरक्षित, किफायती और सभी के लिए सुलभ बनाना है।
- WHO के अनुसार विश्व में प्रजनन आयु के हर 6 में से 1 व्यक्ति को जीवन में कभी न कभी बांझपन का सामना करना पड़ता है।
- नए दिशा-निर्देशों में 40 प्रमुख सिफारिशें शामिल हैं, जो रोकथाम, पहचान और उपचार-तीनों स्तरों पर कार्य को मजबूत करने पर केंद्रित हैं।
- नए दिशा-निर्देशों में बांझपन को 12 महीने या उससे अधिक समय तक नियमित, असुरक्षित यौन संबंध के बाद गर्भधारण न होने की स्थिति के रूप में परिभाषित किया गया है।
- सरल सलाह जैसे उपजाऊ समय की जानकारी, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह-से लेकर जटिल उपचारों जैसे आईयूआई और आईवीएफ तक, हर स्तर पर क्रमिक और मरीज-केंद्रित निर्णय लेने का सुझाव दिया गया है।
- WHO के अनुसार युवाओं को प्रजनन और बांझपन की जानकारी स्कूलों और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में मिलनी चाहिए।
- भारत में बांझपन की स्थिति
- भारत में लगभग 1.5–2 करोड़ दंपति बांझपन से प्रभावित है, और इसकी व्यापकता 3.9% से 16.8% तक आंकी जाती है।
- उल्लेखनीय है कि ग्रामीण क्षेत्रों (8-10%) की तुलना में शहरी क्षेत्रों (15-20%) में बांझपन की दर अधिक है।
- भारत में पुरुष कारक लगभग 40–50% मामलों में पाए गए हैं, जिसमें कम शुक्राणु संख्या, गतिशीलता की कमी और हार्मोनल असंतुलन प्रमुख कारण हैं, साथ ही महिलाओं में PCOS, एंडोमेट्रियोसिस, हार्मोनल असंतुलन और आयु-संबंधी कारक प्रमुख कारण हैं।
लेखक- नवनीत सिंह
संबंधित लिंक भी देखें…
https://www.who.int/news/item/28-11-2025-who-issues-first-global-guideline-on-infertility