35वां सरस्वती सम्मान‚ 2025

प्रश्न – निम्न कथनों पर विचार कीजिए-
(1) 25 मार्च‚ 2026 को रामकुमार मुखोपाध्याय द्वारा लिखित बंगाली उपन्यास ‘हरा पार्बती कथा’ को 35वां सरस्वती सम्मान‚ 2025 के लिए चुना गया ।
(2) इस पुरस्कार की स्थापना वर्ष 1994 में हुई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(a) केवल 1 (b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों (d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (a)


व्याख्यात्मक उत्तर

  • 25 मार्च‚ 2026 को रामकुमार मुखोपाध्याय द्वारा लिखित बंगाली उपन्यास ‘हरा पार्बती कथा’ को 35वां सरस्वती सम्मान‚ 2025 के लिए चुना गया
  • ‘हरा पार्बती कथा’ का प्रकाशन वर्ष 2020 में हुआ था।
  • इसे शिव पार्वती की पौराणिक कथा को केंद्र में रखकर लिखा गया है।
  • इसके पहले 2004 में बांग्ला के लेखक सुनील कुमार गंगोपाध्याय को सरस्वती सम्मान प्रदान किया गया था।
  • प्रसिद्ध संस्कृत विद्वान महामहोपाध्याय साधु भद्रेशदास को वर्ष 2024 के 34वें सरस्वती सम्मान के लिए चुना गया था
  • ज्ञातव्य है कि वर्ष 1991 में के.के. बिड़ला फाउंडेशन द्वारा सरस्वती सम्मान की स्थापना की गई थी।
  • यह सम्मान प्रतिवर्ष संविधान की 8वीं अनुसूची में वर्णित किसी भी भारतीय भाषा में पिछले 10 वर्ष में प्रकाशित भारतीय लेखकों की उत्कृष्ट साहित्यिक कृति को प्रदान किया जाता है।
  • इस पुरस्कार के तहत प्रशस्ति-पत्र, स्मृति चिन्ह और 15 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाती है।
  • पहला सरस्वती सम्मान हिन्दी के साहित्यकार डॉ॰ हरिवंश राय बच्चन को मिला था.

लेखक- विवेक त्रिपाठी

संबंधित लिंक भी देखें…

https://www.newsonair.gov.in/bengali-novel-hara-parbati-katha-by-author-ramkumar-mukhopadhyay-selected-for-saraswati-samman