प्रश्न-14 मार्च‚ 2022 को वानिकी संबंधी पहलों के माध्यम से 13 प्रमुख नदियों के कायाकल्प पर जारी विस्तृत परियोजना रिर्पोट (डीपीआर) के संबंध में विकल्प में कौन-सा तथ्य सही नहीं है?
(a) विस्तुत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) द्वय केंद्रीय मंत्रियों भूपेंद्र यादव और गजेंद्र सिंह शेखावत ने संयुक्त रूप से जारी किया।
(b) 13 प्रमुख नदियों में झेलम‚ चिनाब‚ रावी‚ ब्यास‚ सतलुज‚ यमुना‚ ब्रह्मपुत्र‚ लूनी‚ नर्मदा‚ गोदावरी‚ महानदी‚ कृष्णा और कावेरी शािमल हैं।
(c) यह डीपीआर पर्यावण एवं वन मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित है।
(d) भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (आईसीएफआरई) ने यह डीपीआर तैयार किया है।
उत्तर—(c)
संबंधित तथ्य
- 14 मार्च‚ 2022 को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने संयुक्त रूप से वानिकी संबंधी पहलों के माध्यम से 13 प्रमुख नदियों के कायाकल्प पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) जारी किया।
- 13 प्रमुख नदियों में झेलम‚ चिनाब‚ रावी‚ ब्यास‚ सतलुज‚ यमुना‚ ब्रह्मपुत्र‚ लूनी‚ नर्मदा‚ गोदावरी‚ महानदी‚ कृष्णा और कावेरी शामिल हैं।
- यह डीपीआर राष्ट्रीय वनीकरण और पर्यावरण विकास बोर्ड द्वारा वित्तपोषित है।
- भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (आईसीएफआरई)‚ देहरादून ने यह डीपीआर तैयार किया है।
- 13 नदियां सामूहिक रूप से 18,90,110 वर्ग किमी. के कुल बेसिन क्षेत्र को आच्छादित करती हैं‚ जो देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 57.45 प्रतिशत है।
- परियोजनांतर्गत 202 सहायक नदियों सहित 13 नदियों की लंबाई 42,830 किमी. है।
- विभिन्न परिदृश्यों में वानिकी हस्तक्षेप और सहायक गतिविधियों हेतु बनाई गई सभी 13 डीपीआर में कुल 667 उपचार और वृक्षारोपण मॉडल प्रस्तावित है।
- प्राकृतिक भू-दृश्य के लिए 283, कृषि भूदृश्य में 97 और शहरी भूदृश्य में 116 अलग उपचार मॉडल प्रस्तावित किया गया है।
- डीपीआर रिवर फ्रंट‚ इको-पार्क विकसित कर और जनता के बीच जागरूकता पैदा कर संरक्षण‚ वनीकरण‚ जलग्रहण उपचार‚ पारिस्थितिकी बहाली‚ नमी संरक्षण‚ आजीविका में सुधार‚ आय बढ़ाने एवं पारिस्थितिक पर्यटन पर केंद्रित है।
- इसमें अनुसंधान और निगरानी भी एक घटक के रूप में शामिल है।
- 13 डीपीआर का प्रस्तावित बजट 19,342.62 करोड़ रुपये है।
- भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (आईसीएफआरई) तकनीकी सहायता प्रदान करेगा।
- परियोजना की शुरूआत में देरी पर‚ डीपीआर के प्रस्तावित खर्च को थोक मूल्य सूचकांक का उपयोग करके समायोजित किया जाएगा।
- निष्पादन के दौरान ‘रिज टू वैली अप्रोच’ का पालन होगा और वृक्षारोपण के कार्यों से पूर्व मिट्टी और नमी संरक्षण का कार्य किया जाएगा।
- राष्ट्रीय सतर और राज्य स्तर पर संचालन और कार्यकारी समितियों का प्रस्ताव डीपीआर में किया गया है।
- डीपीआर में प्रस्तावित गतिविधियों से हरित आवरण बढ़ाने‚ मिट्टी के कटाव को रोकने‚ भूजल में सुधार, CO2 को कम करने के संभावित लाभ हासिल करने में मदद मिलेगी।
- वानिकी हस्तक्षेप से 13 नदियों के परिदृश्य में 7417.36 वर्ग किमी. की बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है।
- प्रस्तावित हस्तक्षेप से एक वर्ष में 1889.89 मिलियन घन मीटर भूजल को पुन: भरा जा सकेगा और तलछट के जमा होने में एक वर्ष में 64,83,114, घन मीटर की कमी आएगी।
- 10 वर्ष पुराने वृक्षारोपण से 50.21 मिलियन टन CO2 और 20 वर्ष पुराने वृक्षारोपण से 74.46 मिलियन टन CO2 कम करने में मदद मिलेगी।
लेखक-विजय प्रताप सिंह
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