हरियाणा एआई विकास परियोजना (एचएआईडीपी)

प्रश्न – निम्न में से कौन – सा कथन हरियाणा एआई विकास परियोजना (एचएआईडीपी) के संदर्भ में सही नहीं है?
(a) इस परियोजना की कुल लागत 474.39 करोड़ रुपये है, जिसमें 60:40 के अनुपात में विश्व बैंक और हरियाणा सरकार द्वारा वित्त पोषण किया जाएगा।
(b) परियोजना की अवधि 2025 से 2028 तक होगी और इसे विश्व बैंक की तकनीकी व वित्तीय सहायता से लागू किया जाएगा।
(c) इस परियोजना के अंतर्गत गुरुग्राम में ग्लोबल एआई सेंटर और पंचकूला में एडवांस्ड कंप्यूटिंग फैसिलिटी की स्थापना की जाएगी।
(d) यह परियोजना ‘प्रोग्राम-फॉर-रिजल्ट्स’ (PforR) मॉडल पर आधारित होगी, जहाँ फंड जारी करना DLI की प्राप्ति पर निर्भर होगा।
उत्तर – (a)


व्याख्यात्मक उत्तर

  • 5 मई, 2025 को हरियाणा मंत्रिमंडल ने हरियाणा एआई विकास परियोजना (एचएआईडीपी) को मंजूरी प्रदान की।
  • इस परियोजना को तीन वर्षों (2025-2028) की अवधि में विश्व बैंक से तकनीकी और वित्तीय सहायता के साथ कार्यान्वित करने का प्रस्ताव है।
  • इस परियोजना पर कुल खर्च 474.39 करोड़ रुपये होगा, जिसमें विश्व बैंक और हरियाणा सरकार के बीच 70:30 का वित्त पोषण अनुपात है।
  • एचएआईडीपी की परिकल्पना हरियाणा को एआई-सक्षम विकास के लिए राष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए एक रणनीतिक हस्तक्षेप के रूप में की गई है।
  • इस परियोजना (एचएआईडीपी) के प्रमुख घटकों में गुरुग्राम में ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर (जीएआईसी) और पंचकूला में हरियाणा एडवांस्ड कंप्यूटिंग फैसिलिटी (एचएसीएफ) जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की स्थापना शामिल है।
  • यह परियोजना एआई, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस में 50,000 से अधिक पेशेवरों के लिए कौशल विकास और कार्यबल परिवर्तन पर भी ध्यान केंद्रित करेगी।
  • इसके अतिरिक्त उद्देश्यों में सार्वजनिक प्रशासन और डेटा-संचालित सेवा वितरण में एआई का एकीकरण, इनक्यूबेशन, मेंटरिंग और साझा कंप्यूटिंग बुनियादी ढांचे तक पहुंच के माध्यम से स्टार्ट-अप और आरएंडडी के लिए समर्थन; और एआई डोमेन में सार्वजनिक-निजी भागीदारी को बढ़ावा देना शामिल है।
  • यह परियोजना प्रोग्राम-फॉर-रिजल्ट्स (PforR) वित्तपोषण साधन को अपनाएगी, जिसमें फंड संवितरण को संवितरण-लिंक्ड इंडिकेटर्स (डीएलआई) की उपलब्धि से जोड़ा जाएगा, जिसे एक नियुक्त एजेंसी द्वारा स्वतंत्र रूप से सत्यापित किया जाएगा।
  • इसी बैठक में मंत्रिमंडल ने बाहरी सहायता प्राप्त परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए एक विशेष प्रयोजन संस्था (SPV) के गठन को भी मंजूरी दी।
  • बाहरी सहायता प्राप्त परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अंतर-क्षेत्रीय समन्वय को सुनिश्चित करने के लिए, कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 8 के तहत एक विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) की स्थापना की जाएगी।
  • एसपीवी एक गैर-लाभकारी कंपनी के रूप में काम करेगी, जिसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव होंगे।
  • कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत एसपीवी के निगमन से संबंधित सभी तौर-तरीकों और प्रक्रियाओं के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार नोडल एजेंसी हारट्रॉन होगी।

लेखक- विजय प्रताप सिंह

संबंधित लिंक भी देखें…

https://www.deccanherald.com/india/haryana/haryana-cabinet-approves-rs-474-cr-ai-development-project-3525803

https://www.yugmarg.com/news/39328-haryana-approves-rs-474-crore-ai-project-with-world-bank-support.aspx