प्रश्न – 13 जनवरी, 2026 को मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत सोलर-सह-स्टोरेज विद्युत परियोजनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। इनमें से कौन-सा कथन सही नहीं है?
(a) सभी स्वीकृत परियोजनाएँ रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा विकसित की जा रही हैं।
(b) स्वीकृत परियोजनाओं में 300 मेगावाट (4 घंटे), 300 मेगावाट (6 घंटे) तथा 200 मेगावाट (24 घंटे) की सोलर-सह-स्टोरेज क्षमता शामिल है।
(c) ये सभी परियोजनाएँ ड्यूल साइकिल चार्जिंग प्रणाली पर आधारित हैं।
(d) इन परियोजनाओं का उद्देश्य पीक डिमांड के समय भी राज्य को सस्ती, स्वच्छ और भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराना है।
उत्तर – (c)
व्याख्यात्मक उत्तर
- 13 जनवरी, 2026 को मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल द्वारा प्रदेश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मंत्रि-परिषद ने तीन सोलर-सह-स्टोरेज विद्युत परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई।
- ये परियोजनाएँ रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड द्वारा विकसित की जा रही हैं।
- स्वीकृत योजना के अंतर्गत सोलर-सह चार घंटे की भंडारण क्षमता वाली 300 मेगावाट, सोलर-सह छह घंटे की 300 मेगावाट तथा सोलर-सह चौबीस घंटे की 200 मेगावाट क्षमता की ऊर्जा भंडारण आधारित विद्युत आपूर्ति परियोजनाएँ स्थापित की जाएँगी।
- ये सभी परियोजनाएँ सिंगल साइकिल चार्जिंग प्रणाली पर आधारित होंगी।
- इन परियोजनाओं के माध्यम से राज्य को पीक डिमांड के समय भी सस्ती, स्वच्छ और भरोसेमंद बिजली उपलब्ध हो सकेगी।
- वर्तमान में सौर ऊर्जा से बिजली केवल दिन के समय ही प्राप्त होती है, और इसकी उपलब्धता मौसम की स्थिति पर निर्भर रहती है। इसी प्रकार पवन ऊर्जा की उपलब्धता भी अनिश्चित होती है, क्योंकि यह हवा की गति और निरंतरता पर आधारित होती है।
- ऊर्जा भंडारण परियोजनाएँ दिन में उत्पादित अतिरिक्त सौर ऊर्जा को संचित कर रात और अधिक मांग के समय उपयोग में लाने में सहायक होंगी।
- इससे न केवल चौबीसों घंटे बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, बल्कि कोयला आधारित विद्युत संयंत्रों पर निर्भरता भी कम होगी।
लेखक- विजय प्रताप सिंह
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