सीएसआईआर–नालंदा विश्वविद्यालय के मध्य समझौता

प्रश्न – सीएसआईआर और नालंदा विश्वविद्यालय के बीच हुए समझौते के संबंध में कौन-सा तथ्य सही नहीं है?
(a) समझौते पर 22 जुलाई, 2026 को हस्ताक्षर किए गए।
(b) इसका उद्देश्य विज्ञान-आधारित सतत विकास को बढ़ावा देना है।
(c) समझौते का मुख्य उद्देश्य केवल अंतरिक्ष अनुसंधान को प्रोत्साहित करना है।
(d) इसमें ग्रामीण परिवर्तन और कौशल विकास को शामिल किया गया है।
उत्तर – (c)


व्याख्यात्मक उत्तर

  • 22 जुलाई, 2026 को वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) और नालंदा विश्वविद्यालय ने विज्ञान-आधारित सतत विकास, प्रौद्योगिकी प्रसार, ग्रामीण परिवर्तन, कौशल विकास तथा वैज्ञानिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए समझौता- ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
  • इस समझौते का उद्देश्य सीएसआईआर की स्वदेशी वैज्ञानिक प्रौद्योगिकियों और नालंदा विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक एवं अनुसंधान नेटवर्क का उपयोग कर समुदाय-केंद्रित विकास के प्रभावी और विस्तार योग्य मॉडल विकसित करना है।
  • इससे भारतीय वैज्ञानिक नवाचारों को वैश्विक पहचान भी मिलेगी।
  • इस सहयोग के अंतर्गत नालंदा विश्वविद्यालय तथा आसपास के गांवों में आदर्श ग्राम विकास, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, मृदा सुधार, जल गुणवत्ता संवर्धन और पर्यावरणीय स्थिरता से संबंधित सीएसआईआर प्रौद्योगिकियों को लागू किया जाएगा।
  • प्रारंभिक चरण में कम से कम तीन लक्षित सामाजिक मिशन शुरू करने का प्रस्ताव है।
  • नालंदा विश्वविद्यालय परिसर में सीएसआईआर प्रौद्योगिकी गैलरी भी स्थापित की जाएगी।
  • इसमें सीएसआईआर की प्रयोगशालाओं द्वारा विकसित स्वदेशी प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन छात्रों, शोधकर्ताओं और विदेशी आगंतुकों के लिए किया जाएगा।
  • यह समझौता सतत प्रौद्योगिकी तैनाती, क्षमता निर्माण, कौशल संवर्धन, ग्रामीण पहुंच और ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए संस्थागत ढांचा प्रदान करेगा।

लेखक- विजय प्रताप सिंह

संबंधित लिंक भी देखें…

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2287583&reg=17&lang=1