सीएमएस कॉप-15 में 40 नई प्रजातियां संरक्षण सूची में शामिल

प्रश्न – निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए –

  1. मार्च 2026 में वन्य जीवों की प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण संबंधी अभिसमय (Convention on the Conservation of Migratory Species of Wild Animals – CMS) के 15वें पक्षकार सम्मेलन (COP15) में 40 नई प्रजातियों को संरक्षित सूची में शामिल किया गया।
  2. इस अभिसमय पर 23 जून 1979 को बॉन, जर्मनी में हस्ताक्षर किए गए थे।
    उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं ?
    (a)1 और 2 दोनों (b) केवल 1
    (c) केवल 2 (d) इनमें से कोई नहीं
    उत्तर – (a)
    व्याख्यात्मक उत्तर
  • मार्च 2026 में वन्य जीवों की प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण संबंधी अभिसमय (Convention on the Conservation of Migratory Species of Wild Animals – CMS) के 15वें पक्षकार सम्मेलन (COP15) में 40 नई प्रजातियों को संरक्षित सूची में शामिल किया गया।
  • यह कदम प्रवासी प्रजातियों में हो रही गिरावट को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंता को दर्शाता है, साथ ही, यह जैव विविधता संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और सुदृढ़ं करता है।
  • प्रवासी प्रजातियों पर अभिसमय (CMS) का पूरा नाम Convention on the Conservation of Migratory Species of Wild Animals है।
  • इसे बॉन अभिसमय (Bonn Convention) भी कहा जाता है।
  • यह एक अंतरराष्ट्रीय पर्यावरणीय संधि है।
  • यह संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के अंतर्गत कार्य करती है।
  • यह प्रवासी प्रजातियों और उनके आवासों के संरक्षण के लिए वैश्विक ढांचा प्रदान करती है।
  • इस अभिसमय पर 23 जून 1979 को बॉन, जर्मनी में हस्ताक्षर किए गए थे।
  • CMS विश्व की एकमात्र ऐसी वैश्विक अंतर-सरकारी संधि है, जो केवल प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण और प्रबंधन के लिए समर्पित है।
  • इसके अंतर्गत स्थलीय, जलीय तथा पक्षी प्रजातियाँ शामिल होती हैं।
  • इसका उद्देश्य इन प्रजातियों के सतत उपयोग (Sustainable Use) को सुनिश्चित करना है।
  • यह आवास विनाश, जलवायु परिवर्तन और अत्यधिक दोहन जैसी चुनौतियों से निपटने पर जोर देता है।
  • Conference of Parties (COP) इस अभिसमय की निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था है।
  • COP समय-समय पर बैठक कर प्रगति की समीक्षा करता है और नए उपाय अपनाता है।
  • CMS दो प्रकार की व्यवस्थाओं के माध्यम से कार्य करता है प्रथम कानूनी रूप से बाध्यकारी समझौते (Agreements) और द्वितीय गैर-बाध्यकारी समझौता ज्ञापन (Memoranda of Understanding – MoUs)
  • इस अभिसमय में प्रजातियों को उनकी संरक्षण स्थिति के आधार पर दो परिशिष्टों (Appendices) में रखा जाता है।

लेखक- नवनीत सिंह

संबंधित लिंक भी देखें…

https://www.downtoearth.org.in/wildlife-biodiversity/cms-cop15-ends-in-brazil-with-40-new-species-being-accorded-protection