सिम्हाद्री आयरन–एयर बैटरी पायलट परियोजना

प्रश्न – – एनटीपीसी के सिम्हाद्री ताप विद्युत स्टेशन में प्रस्तावित स्वदेशी आयरन–एयर बैटरी के पायलट परीक्षण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. यह बैटरी प्रतिवर्ती जंग (Reversible Rusting) के सिद्धांत पर कार्य करती है।
  2. डिस्चार्ज के दौरान लोहा ऑक्सीजन और जल के साथ अभिक्रिया करके ऊर्जा मुक्त करता है।
  3. यह तकनीक लगभग 6 घंटे में चार्ज होकर 12–18 घंटे तक ऊर्जा भंडारित कर सकती है।
  4. इसका उद्देश्य केवल ताप विद्युत संयंत्रों में कोयले की खपत कम करना है।
    उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
    (a) केवल 1 और 2
    (b) केवल 1, 2 और 3
    (c) केवल 2, 3 और 4
    (d) 1, 2, 3 और 4
    उत्तर – (b)
    व्याख्यात्मक उत्तर
  • अगस्त, 2026 में प्रकाशित रिपोर्टो के अनुसार,एनटीपीसी के सिम्हाद्री ताप विद्युत स्टेशन में स्वदेशी आयरन–एयर बैटरी का पायलट परीक्षण प्रस्तावित है।
  • इसका उद्देश्य वास्तविक उपयोगिता-स्तरीय परिस्थितियों में दीर्घावधि ऊर्जा भंडारण (एलडीईएस) तकनीक की व्यवहार्यता जाँचना है।
  • सिम्हाद्री स्टेशन आंध्र प्रदेश के अनकापल्ली जिले में स्थित है।
  • इसकी स्थापित क्षमता 2,000 मेगावाट (4×500 MW) है।
  • एनटीपीसी के अनुसार, एलडीईएस पहल का उद्देश्य नवीन भंडारण तकनीकों की क्षमता, प्रदर्शन और तकनीकी-वाणिज्यिक व्यवहार्यता का परीक्षण करना है।
  • सफल तकनीकों को आगे वाणिज्यिक स्तर पर अपनाया जा सकता है।
  • प्रस्तावित आयरन–एयर तकनीक माइन इलेक्ट्रिक (Meine Electric) द्वारा विकसित की गई है।
  • कंपनी के अनुसार, यह प्रतिवर्ती जंग प्रक्रिया (reversible rusting) सिद्धांत पर काम करती है।
  • डिस्चार्ज के समय लोहा, ऑक्सीजन और जल से अभिक्रिया करके जंग बनाता तथा ऊर्जा मुक्त करता है; चार्जिंग में यह प्रक्रिया उलटकर पुनः लोहा बनाती है।
  • कंपनी के अनुसार, बैटरी लगभग 6 घंटे में चार्ज होकर 12–18 घंटे तक ऊर्जा भंडारित कर सकती है।
  • यह तकनीक नवीकरणीय ऊर्जा की अनियमितता सँभालने, ग्रिड स्थिरता तथा चौबीसों घंटे हरित बिजली उपलब्ध कराने में सहायक हो सकती है।

लेखक- विजय प्रताप सिंह

संबंधित लिंक भी देखें…

https://www.meineelectric.com/?utm

https://ntpc.co.in/simhadri?utm_