प्रश्न – 22 जनवरी, 2026 को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान द्वारा जारी सशस्त्र बलों में क्वांटम प्रौद्योगिकी के समावेशन से संबंधित पॉलिसी फ्रेमवर्क के संदर्भ में विकल्प में कौन-सा कथन सही नहीं है?
(a) यह नीति दस्तावेज़ भारतीय सशस्त्र बलों में क्वांटम संचार, क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम सेंसिंग एवं मेट्रोलॉजी तथा क्वांटम सामग्री एवं उपकरण के एकीकृत उपयोग की परिकल्पना करता है।
(b) यह नीति ढांचा राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (National Quantum Mission) से असंरेखित है और रक्षा क्षेत्र को उससे पृथक रखता है।
(c) दस्तावेज़ में सिविल–मिलिट्री फ्यूज़न के माध्यम से बहु-क्षेत्रीय सरकारी प्रतिनिधियों वाले समर्पित शासकीय निकायों की भूमिका को रेखांकित किया गया है।
(d) नीति में संयुक्तता (Jointness) और त्रि-सेवा एकीकरण (Integration) को भविष्य के युद्धक्षेत्र में तकनीकी सर्वोच्चता हेतु आवश्यक माना गया है।
उत्तर – (b)
व्याख्यात्मक उत्तर
- 22 जनवरी, 2026 को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने सशस्त्र बलों में क्वांटम प्रौद्योगिकी के समावेशन से संबंधित पॉलिसी फ्रेमवर्क जारी किया।
- यह एक व्यापक नीतिगत दस्तावेज़ है, जिसमें भारतीय सशस्त्र बलों में क्वांटम प्रौद्योगिकियों के कार्यान्वयन हेतु नीति दिशा एवं रोडमैप को स्पष्ट रूप से निर्धारित किए गए है।
- यह नीति ढांचा सशस्त्र बलों को भविष्य के युद्धक्षेत्र के लिए तैयार करने तथा तेजी से बदलते तकनीकी परिवेश में तकनीकी वर्चस्व प्राप्त करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
- इसके अंतर्गत क्वांटम प्रौद्योगिकी के चार प्रमुख स्तंभों को त्रि-सेवाओं (थल, नौसेना एवं वायु सेना) में एकीकृत करने की परिकल्पना की गई है, जिसमें क्वांटम संचार (Quantum Communication),क्वांटम कंप्यूटिंग (Quantum Computing),क्वांटम सेंसिंग एवं मेट्रोलॉजी (Quantum Sensing & Metrology) और क्वांटम सामग्री एवं उपकरण (Quantum Materials and Devices) शामिल हैं।
- यह विजन डॉक्यूमेंट स्पष्ट करता है कि किस प्रकार सशस्त्र बलों द्वारा क्वांटम प्रौद्योगिकियों के समन्वित उपयोग को सुनिश्चित किया जाएगा।
- यह नीति राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (National Quantum Mission) के साथ पूर्णतः संरेखित है, जिसमें रक्षा बल एक अभिन्न घटक के रूप में सम्मिलित हैं।
- इस दस्तावेज़ में इस उभरते और विशिष्ट क्षेत्र के लिए संकेतात्मक रोडमैप और नीति दिशा भी निर्धारित की गई है।
- इस दस्तावेज़ में रक्षा परिप्रेक्ष्य से क्वांटम प्रौद्योगिकियों को आत्मसात करने की बढ़ती आवश्यकता पर बल दिया गया है।
- इसमें सिविल–मिलिट्री फ्यूज़न (Civil-Military Fusion) के माध्यम से लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु बहु-क्षेत्रीय सरकारी प्रतिनिधियों से युक्त समर्पित शासकीय निकायों की भूमिका को रेखांकित किया गया है।
- साथ ही, संयुक्तता (Jointness) और एकीकरण (Integration) को भविष्य के युद्धक्षेत्र में तकनीकी सर्वोच्चता प्राप्त करने के लिए अत्यंत आवश्यक बताया गया है।
लेखक- विजय प्रताप सिंह
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