प्रश्न – सलेम साबूदाना के जीआई टैग एवं हालिया निर्यात उपलब्धि के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है।
- सलेम साबूदाना को भौगोलिक संकेत (GI) टैग वर्ष 2024 में प्रदान किया गया था।
- 19 फरवरी, 2026 को 0.5 मीट्रिक टन जीआई-टैग युक्त सलेम साबूदाना की पहली खेप कनाडा को अधिकृत उपयोगकर्ता संस्था द्वारा प्रत्यक्ष निर्यात की ई।
- सलेम साबूदाना टैपिओका (कैसावा) की जड़ों से प्राप्त स्टार्च से निर्मित होता है।
- SAGOSERVE एक निजी बहुराष्ट्रीय कंपनी है, जिसके 500 से अधिक पंजीकृत सदस्य हैं।
उपरोक्त में से कौन से कथन सही हैं?
(a) 1, 3 और 4 (b) 1, 2 और 5
(c) 2, 3 और 4 (d) 1, 3, 4 और 5
उत्तर – (a)
व्याख्यात्मक उत्तर
- 19 फरवरी, 2026 को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने तमिलनाडु के सलेम से 0.5 मीट्रिक टन जीआई-टैग युक्त सलेम साबूदाना की पहली खेप को कनाडा के लिए रवाना कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की।
- यह निर्यात विशेष इसलिए भी है क्योंकि मार्च 2023 में भौगोलिक संकेत (GI) टैग प्राप्त करने के बाद यह पहली बार है जब अधिकृत उपयोगकर्ता संस्था द्वारा सीधे विदेश भेजा गया है।
- सलेम लंबे समय से भारत के साबूदाना और स्टार्च उद्योग का प्रमुख केंद्र रहा है।
- साबूदाना, जो टैपिओका (कैसावा) की जड़ों से प्राप्त स्टार्च से निर्मित होता है, देश के अनेक भागों में भोजन तथा उपवास आहार के रूप में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।
- तमिलनाडु भारत में टैपिओका आधारित उत्पादों का अग्रणी उत्पादक राज्य है, जिससे इस क्षेत्र की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था को विशेष बल मिलता है।
- सलेम स्टार्च एंड सैगो मैन्युफैक्चरर्स सर्विस इंडस्ट्रियल कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (SAGOSERVE), जिसे तमिलनाडु सरकार के अधीन मार्च 2023 में जीआई पंजीकरण प्राप्त हुआ, इस उपलब्धि का प्रमुख आधार है।
- इसके 334 पंजीकृत सदस्य-निर्माता हैं। यह संस्था न केवल विपणन का कार्य करती है, बल्कि भंडारण, गुणवत्ता सुधार, खेती एवं प्रसंस्करण मानकों के उन्नयन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
- परंपरागत रूप से सलेम साबूदाना महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और पश्चिम बंगाल के व्यापारियों के माध्यम से अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, वियतनाम और सिंगापुर जैसे देशों तक पहुँचता रहा है।
- किंतु यह पहली बार है जब अधिकृत उपयोगकर्ता संस्था ने स्वयं प्रत्यक्ष निर्यात किया है।
लेखक- विजय प्रताप सिंह
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