प्रश्न – मार्च, 2026 में जारी वैश्विक आतंकवाद सूचकांक से संबंधित निम्न कथनों पर विचार कीजिए-
(i) इस सूचकांक में 163 देशों में आतंकवादी गतिविधियों का तुलनात्मक अध्ययन किया गया है।
(ii) आतंकवाद से सबसे प्रभावित देशों के इस सूचकांक में पाकिस्तान शीर्ष स्थान पर है।
(iii) सूचकांक में भारत को 13वां स्थान प्राप्त हुआ।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही हैं?
(a) केवल (i) एवं (ii) (b) केवल (ii) एवं (iii)
(c) केवल (i) एवं (iii) (d) उपर्युक्त सभी
उत्तर – (d)
व्याख्यात्मक उत्तर
- मार्च, 2026 में इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस (IEP) द्वारा वैश्विक आतंकवाद सूचकांक (Global Terrorism Index), 2026 जारी किया गया।
- यह इस सूचकांक का 13वां संस्करण है।
- ज्ञातव्य है कि पहली बार यह सूचकांक वर्ष 2012 में जारी किया गया था।
- इस सूचकांक के निर्माण में 163 देशों में आतंकवादी गतिविधियों का तुलनात्मक अध्ययन करके आतंकवाद और उसके प्रभाव का तथ्यात्मक विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।
- इस सूचकांक में शून्य से 10 तक के स्कोर में 163 देशों को श्रेणीबद्ध किया गया है।
- सूचकांक में स्कोर शून्य (0) का मतलब सबसे कम और दस (10) सबसे अधिक आतंकवाद से प्रभावित होने से है।
- इसके अनुसार, इस वर्ष के इंडेक्स में विश्वभर में आतंकवाद में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।
- आतंकवाद से होने वाली मौतों में 28 प्रतिशत की कमी आई और यह घटकर 5,582 रह गई, जबकि आतंकी हमलों की संख्या लगभग 22 प्रतिशत घटकर 2,944 हो गई।
- यह सुधार व्यापक स्तर पर देखा गया, जहाँ 81 देशों ने बेहतर स्थिति दर्ज की।
- केवल 19 देशों की स्थिति खराब हुई, जो इस इंडेक्स के इतिहास में गिरावट वाले देशों की सबसे कम संख्या है।
- हालांकि, पश्चिमी देशों में आतंकवाद में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, और यही देश इन 19 गिरावटों में से 7 के लिए जिम्मेदार रहे।
- वर्ष 2025 में दर्ज यह सुधार आगे भी बना रहेगा या नहीं, यह अभी अनिश्चित है।
- वर्तमान में उभरते वैश्विक संघर्षों की स्थिति को देखते हुए, आतंकवाद में फिर से वृद्धि की आशंका है।
- इस्लामिक स्टेट (IS) और उससे जुड़े संगठन 2025 में भी सबसे घातक आतंकवादी संगठन बने रहे, हालांकि यह समूह पहले की तुलना में कम देशों में सक्रिय था और इसकी उपस्थिति 22 देशों से घटकर 15 देशों तक रह गई।
- वर्ष 2025 में चार सबसे घातक आतंकवादी संगठन थे-
- इस्लामिक स्टेट (IS), जमात नुसरत अल-इस्लाम वल मुस्लिमीन (JNIM), तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और अल-शबाब।
- ये चारों संगठन सामूहिक रूप से 3,869 मौतों के लिए जिम्मेदार थे, जो विश्वभर में आतंकवाद से हुई कुल मौतों का 70 प्रतिशत है।
- इन चार में से तीन संगठनों के कारण होने वाली मौतों में कमी आई, जबकि केवल TTP ऐसा संगठन था, जिसके कारण मौतों में वृद्धि दर्ज की गई।
- आतंकवाद अब भी कुछ सीमित क्षेत्रों में अत्यधिक केंद्रित है।
- आतंकवाद से होने वाली कुल मौतों में से लगभग 70 प्रतिशत केवल पाँच देशों में हुईं:
- पाकिस्तान, बुर्किना फासो, नाइजीरिया, नाइजर और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC)।
- आतंकवाद से सबसे अधिक प्रभावित शीर्ष 10 देशों में से 6 देश उप-सहारा अफ्रीका में हैं, जो अब वैश्विक स्तर पर आतंकवाद का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
- आतंकवाद से सबसे प्रभावित 10 देश–
1 पाकिस्तान
2 बुर्किना फासो
3 नाइजर
4 नाइजीरिया
5 माली
6 सीरिया
7 सोमालिया
8 डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो
9 कोलंबिया
10 इजराइल - इस सूचकांक में भारत को 13वां स्थान को प्राप्त हुआ है।
- जबकि गत वर्ष भारत को 14वां स्थान को प्राप्त हुआ था
लेखक- विवेक त्रिपाठी
संबंधित लिंक भी देखें…
https://www.economicsandpeace.org/wp-content/uploads/2026/03/Global-Terrorism-Index-2026-Report.pdf