विस्तारित खेलो इंडिया योजना और राष्ट्रीय खेल संघों (एएनएसएफ) को बढ़ी हुई सहायता को मंजूरी

विस्तारित खेलो इंडिया योजना और राष्ट्रीय खेल संघों (एएनएसएफ) को बढ़ी हुई सहायता को मंजूरी

प्रश्न – – निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 31 जुलाई, 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक के लिए विस्तारित खेलो इंडिया योजना और राष्ट्रीय खेल संघों (एएनएसएफ) को बढ़ी हुई सहायता को मंजूरी को मंजूरी प्रदान की।
  2. दोनों योजनाओं का संयुक्त परिव्यय 36,441 करोड़ रुपये है, जो पिछली खेलो इंडिया योजना की तुलना में लगभग आठ गुना अधिक है।
  3. संशोधित योजना का उद्देश्य स्कूल और गांव के खेल मैदानों से लेकर ओलंपिक पोडियम तक प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए एक व्यवस्थित विकास मार्ग तैयार करना है।
    उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
    (a) केवल 1
    (b) केवल 2
    (c) 1, 2 और 3
    (d) कोई भी नहीं
    उत्तर – (c)

व्याख्यात्मक उत्तर

  • 31 जुलाई, 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक के लिए विस्तारित खेलो इंडिया योजना और राष्ट्रीय खेल संों (एएनएसएफ) को बढ़ी हुई सहायता को मंजूरी को मंजूरी प्रदान की।
  • दोनों योजनाओं का संयुक्त परिव्यय 36,441 करोड़ रुपये है, जो पिछली खेलो इंडिया योजना की तुलना में लगभग आठ गुना अधिक है।
  • इसे स्वतंत्रता के बाद भारत का सबसे महत्वाकांक्षी खेल विकास कार्यक्रम माना गया है।
  • संशोधित योजना का उद्देश्य स्कूल और गांव के खेल मैदानों से लेकर ओलंपिक पोडियम तक प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए एक व्यवस्थित विकास मार्ग तैयार करना है।
  • यह खेलो इंडिया नीति, 2025 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के अनुरूप खेल, शिक्षा, फिटनेस, प्रौद्योगिकी तथा उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण को एकीकृत करेगी।
  • यह योजना भारत की 2030 राष्ट्रमंडल खेलों तथा भविष्य में ओलंपिक एवं पैरालंपिक खेलों की मेजबानी संबंधी महत्वाकांक्षाओं को भी मजबूती प्रदान करेगी।
  • इस योजना के तहत राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र, खेलो इंडिया उत्कृष्टता केंद्र, भारतीय खेल प्राधिकरण प्रशिक्षण केंद्र, खेलो इंडिया मान्यता प्राप्त अकादमियां, खेलो इंडिया केंद्र तथा सशस्त्र बलों की युवा खेल कंपनियों को एकीकृत किया जाएगा।
  • स्कूली स्तर पर प्रतिभा पहचान के लिए खेलो इंडिया फीडर स्कूल और खेलो इंडिया उत्कृष्ट विद्यालय नामक दो नई पहल शुरू की जाएंगी।
  • मौजूदा खेलो इंडिया एथलीट कार्यक्रम के साथ इमर्जिंग खेलो इंडिया एथलीट श्रेणी बनाई जाएगी, जिससे संरचित प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों की संख्या लगभग दस गुना बढ़ेगी।
  • प्रतिभा खोज समितियां, क्षेत्रीय समितियां, स्काउट्स और उच्च प्रदर्शन निदेशक खिलाड़ियों की पहचान तथा निगरानी करेंगे।
  • जमीनी प्रतियोगिताओं से खेलो इंडिया और फिर टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम तक स्पष्ट प्रगति मार्ग बनाया जाएगा।
  • इस योजना में स्कूल, विश्वविद्यालय, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • महिला खिलाड़ियों, पैरा-एथलीटों, स्वदेशी खेलों और दूरदराज क्षेत्रों पर विशेष ध्यान रहेगा।
  • फिट इंडिया मूवमेंट का विस्तार कर सक्रिय जीवनशैली और नशामुक्ति संबंधी खेल पहलों को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
  • कोचों की गुणवत्ता सुधारने के लिए राष्ट्रीय कोच प्रत्यायन बोर्ड स्थापित होगा।
  • एक एकीकृत डिजिटल स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म खिलाड़ी डेटाबेस, प्रतियोगिताओं, वित्तपोषण और प्रशिक्षण संसाधनों को जोड़ेगा।
  • राष्ट्रीय खेल महासंघों को आधुनिक उपकरण, विदेशी प्रशिक्षक, खेल विज्ञान, अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी।

लेखक- विजय प्रताप सिंह

संबंधित लिंक भी देखें…

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2292439&reg=48&lang=2