विश्व तेल आउटलुक-2025

प्रश्न – निम्न कथनों पर विचार कीजिए-

  1. जनवरी,2026 में पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) के अनुसंधान प्रभाग के ऊर्जा अध्ययन विभाग के प्रमुख डॉ. अबदेररेजक बेनयुसेफ द्वारा विश्व तेल आउटलुक 2025 जारी किया गया
  2. विश्व तेल आउटलुक 2025 के अनुसार, भारत 2050 तक वैश्विक तेल मांग वृद्धि में सबसे बड़ा योगदानकर्ता होने का अनुमान है।
    उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा कथन सही है?
    (a) केवल 1 (b) केवल 2
    (c) 1 और 2 दोनों (d) इनमें से कोई नहीं
    उत्तर – (c)
    व्याख्यात्मक उत्तर
  • जनवरी,2026 में पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) के अनुसंधान प्रभाग के ऊर्जा अध्ययन विभाग के प्रमुख डॉ. अबदेररेजक बेनयुसेफ द्वारा विश्व तेल आउटलुक 2025 जारी किया गया
  • यह रिपोर्ट 27 – 30 जनवरी 2026 के मध्य गोवा में आयोजित किए जा रहे भारत ऊर्जा सप्ताह 2026 के दौरान जारी किया गया
  • विश्व तेल आउटलुक 2025 के अनुसार, भारत 2050 तक वैश्विक तेल मांग वृद्धि में सबसे बड़ा योगदानकर्ता होने का अनुमान है।
  • भारत में 2050 तक प्रतिदिन 8.2 मिलियन बैरल तेल की मांग बढ़ने की उम्मीद है।
  • वैश्विक स्तर पर मध्यम और लंबी अवधि में तेल की मांग में लगातार वृद्धि होने का अनुमान है, जो 2050 तक लगभग 123 मिलियन बैरल प्रति दिन तक पहुंच जाएगी, जिसमें मांग में वृद्धि गैर-ओईसीडी क्षेत्रों में केंद्रित होगी।
  • रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि वैश्विक प्राथमिक ऊर्जा मांग वृद्धि में भारत सबसे बड़ा और सबसे स्थिर योगदानकर्ता होगा।
  • भारत की कुल प्राथमिक ऊर्जा मांग लगभग दोगुनी होने की उम्मीद है
  • यह 2024 में लगभग 22 मिलियन बैरल तेल समतुल्य प्रति दिन से बढ़कर 2050 तक लगभग 43.6 मिलियन बैरल तेल समतुल्य प्रति दिन हो जाएगी।
  • वैश्विक स्तर पर प्राथमिक ऊर्जा की मांग में इसी अवधि में 23 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है, जो लगभग 308 मिलियन बैरल तेल समतुल्य प्रति दिन से बढ़कर लगभग 378 मिलियन बैरल तेल समतुल्य प्रति दिन हो जाएगी, जिसमें 2050 तक कुल मांग का लगभग 72 प्रतिशत हिस्सा गैर-ओईसीडी देशों का होगा।
  • आर्थिक मोर्चे पर ओईसीडी की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के 2024 और 2050 के बीच लगभग 5.8 प्रतिशत की औसत वार्षिक जीडीपी वृद्धि के साथ दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में उभरने की उम्मीद है।
  • वैश्विक जीडीपी में भारत की हिस्सेदारी 2024 में लगभग 8 प्रतिशत से बढ़कर 2050 तक 17 प्रतिशत होने का अनुमान है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर इसका प्रभाव काफी बढ़ जाएगा।
  • रिपोर्ट में कहा गया है कि जनसांख्यिकीय रुझान भविष्य में ऊर्जा की मांग में भारत की केंद्रीय भूमिका को और मजबूत करेंगे।
  • वैश्विक स्तर पर अनुमान है कि 2050 तक जनसंख्या में लगभग 1.5 अरब की वृद्धि होगी, जिसमें से लगभग सभी वृद्धि गैर-ओईसीडी देशों में होगी, साथ ही शहरीकरण में वृद्धि और जीवन स्तर में सुधार भी होगा।
  • वैश्विक स्तर पर 2025 और 2050 के बीच तेल से संबंधित संचयी निवेश आवश्यकताओं का अनुमान लगभग 18.2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर है, जिसमें अपस्ट्रीम निवेश में लगभग 15 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर शामिल हैं।

लेखक- विवेक त्रिपाठी

संबंधित लिंक भी देखें…

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2219874&reg=3&lang=2

https://www.opec.org/world-oil-outlook.html

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