प्रश्न – नवंबर 2025 में स्कॉटलैंड और अमेरिका के डॉक्टरों द्वारा की गई विश्व की पहली ट्रांसअटलांटिक रोबोटिक स्ट्रोक सर्जरी के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
(a) यह सर्जरी स्कॉटलैंड के डंडी विश्वविद्यालय और अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित जैक्सनविले के बीच की गई थी।
(b) इस प्रयोग में प्रयुक्त रोबोटिक प्रणाली भारतीय कंपनी सेंटेंटे द्वारा विकसित की गई थी।
(c) प्रोफेसर आइरिस ग्रुनवाल्ड ने डंडी के नाइनवेल्स अस्पताल से रिमोट थ्रोम्बेक्टोमी प्रक्रिया संचालित की।
(d) फ्लोरिडा के न्यूरोसर्जन रिकार्डो हनेल ने 4,000 मील दूर डंडी में रिमोट सर्जरी की।
उत्तर – (b)
व्याख्यात्मक उत्तर
- नवंबर, 2025 में स्कॉटलैंड और अमेरिका के डॉक्टरों ने विश्व की पहली ट्रांसअटलांटिक रोबोटिक स्ट्रोक सर्जरी सफलतापूर्वक की
- यह ऐतिहासिक ऑपरेशन स्कॉटलैंड के डंडी विश्वविद्यालय और फ्लोरिडा के जैक्सनविलेके बीच किया गया।
- डंडी विश्वविद्यालय की प्रोफेसर आइरिस ग्रुनवाल्ड ने चिकित्सा विज्ञान को दान किए गए एक मानव शव पर रिमोट थ्रोम्बेक्टोमी स्ट्रोक के बाद रक्त के थक्कों को हटाने की प्रक्रिया की।
- प्रोफेसर डंडी के नाइनवेल्स अस्पताल में थीं, जबकि जिस शरीर पर वह मशीन का उपयोग कर रही थीं, वह विश्वविद्यालय की एक सुविधा में था।
- कुछ घंटों बाद, फ्लोरिडा के न्यूरोसर्जन रिकार्डो हनेल ने इस तकनीक का उपयोग करते हुए अपने जैक्सनविले बेस से 4,000 मील (6,400 किमी) दूर डंडी में एक मानव शरीर पर पहली ट्रान्साटलांटिक सर्जरी की।
- दोनों प्रक्रियाएँ लिथुआनियाई फर्म सेंटेंटे द्वारा विकसित रोबोटिक प्रणालियों द्वारा संचालित थीं, जिन्हें तकनीकी दिग्गज एनवीडिया और एरिक्सन से कनेक्टिविटी सहायता प्राप्त थी।
- टीम ने इस प्रयोग को एक संभावित “गेम चेंजर” बताया है जो दुनिया भर में स्ट्रोक की देखभाल के तरीके को फिर से परिभाषित कर सकता है।
- इस्केमिक स्ट्रोक के लिए थ्रोम्बेक्टोमी सबसे अच्छा इलाज है।
- यह एक ऐसी स्थिति है जो तब होती है जब कोई थक्का धमनी को अवरुद्ध कर देता है और मस्तिष्क तक ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद हो जाती है। लेकिन इस जटिल प्रक्रिया को करने वाले विशेषज्ञों तक पहुँच सीमित है।
लेखक- विजय प्रताप सिंह
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