वाटर सिक्योर हरियाणा प्रोग्राम

प्रश्न – ‘वाटर सिक्योर हरियाणा प्रोग्राम’ के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए –

  1. कार्यक्रम की कुल अनुमानित लागत 5,714.80 करोड़ रुपये है।
  2. विश्व बैंक इसके लिए 4,000.36 करोड़ रुपये का ऋण प्रदान करेगा।
  3. कार्यक्रम की शेष लागत भारत सरकार वहन करेगी।
    उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
    (a) केवल 1
    (b) केवल 1 और 2
    (c) केवल 2 और 3
    (d) 1, 2 और 3
    उत्तर – (b)
    व्याख्यात्मक उत्तर
  • 13 अगस्त, 2026 को हरियाणा मंत्रिमंडल ने विश्व बैंक वित्तपोषित ‘वाटर सिक्योर हरियाणा प्रोग्राम’ को मंजूरी प्रदान की।
  • इस कार्यक्रम की कुल अनुमानित लागत 5,714.80 करोड़ रुपये है।
  • इसमें विश्व बैंक 4,000.36 करोड़ रुपये का ऋण देगा, जबकि राज्य सरकार 1,714.44 करोड़ रुपये वहन करेगी।
  • इस कार्यक्रम से लगभग 45 लाख लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है।
  • यह कार्यक्रम 15 प्राथमिकता वाले सिंचाई क्लस्टरों में लागू होगा, जिनके अंतर्गत 48.94 लाख एकड़ सिंचाई योग्य कमांड क्षेत्र शामिल है।
  • इसका उद्देश्य हरियाणा में गिरते भूजल स्तर, अत्यधिक जल दोहन, पुरानी नहर व्यवस्था, जलभराव, लवणीयता और सिंचाई में पानी की बर्बादी जैसी समस्याओं का समाधान करना है।
  • कार्यक्रम के अंतर्गत 2,484.87 करोड़ रुपये की लागत से 104 नहर चैनलों का पुनर्वास किया जाएगा।
  • इससे लगभग 8.75 लाख एकड़ कमांड क्षेत्र लाभान्वित होगा। भूजल रिचार्ज बढ़ाने के लिए 131 नए जलाशय बनाए जाएंगे।
  • इसके अतिरिक्त, चार सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से प्राप्त उपचारित जल का सिंचाई में पुनः उपयोग किया जाएगा।
  • नहरी तंत्र की डिजिटल निगरानी के लिए 20 SCADA स्थल और 400 RTDAS मापन बिंदु स्थापित किए जाएंगे।
  • इनके माध्यम से जल प्रवाह, डिस्चार्ज और नहर संचालन की वास्तविक समय में निगरानी संभव होगी।
  • सूक्ष्म सिंचाई एवं कमांड एरिया विकास प्राधिकरण (MICADA) के माध्यम से 620 वाटरकोर्स का पुनर्वास और 120 नहर-आधारित सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं का विकास किया जाएगा।
  • कृषि विभाग लगभग दो लाख एकड़ जलभराव वाली भूमि का सुधार करेगा।
  • साथ ही, पांच लाख एकड़ में डायरेक्ट सीडेड राइस तथा ‘मेरा पानी मेरी विरासत’ योजना के तहत 1.12 लाख एकड़ में फसल विविधीकरण को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • इस प्रकार, यह केवल निर्माण परियोजना न होकर जल उपलब्धता, मांग प्रबंधन, आधुनिक सिंचाई, डिजिटल निगरानी और जलवायु-अनुकूल कृषि को जोड़ने वाला एकीकृत जल सुरक्षा कार्यक्रम है।

लेखक- विजय प्रताप सिंह

संबंधित लिंक भी देखें…

https://www.thestatesman.com/india/water-secure-haryana-programme-to-promote-sustainable-agricultural-practices-1503629896.html