प्रश्न – विश्व एंटी-डोपिंग एजेंसी (वाडा) की वर्ष 2024 की वार्षिक रिपोर्ट के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा तथ्य सही नहीं है?
(a) वर्ष 2024 में भारत में कुल 7,113 डोपिंग परीक्षण किए गए, जिनमें 6,576 मूत्र और 537 रक्त नमूने शामिल थे।
(b) भारत में वर्ष 2024 के दौरान 260 खिलाड़ियों के नमूने प्रतिबंधित प्रदर्शन-वर्धक दवाओं (PEDs) के लिए पॉजिटिव पाए
(c) वाडा के आँकड़ों के अनुसार, प्रतियोगिताओं के दौरान भारत में लगभग हर पाँच में से एक खिलाड़ी का नमूना पॉजिटिव पाया गया।
(d) वर्ष 2024 में चीन में 24,000 से अधिक डोपिंग परीक्षणों में से 260 नमूने पॉजिटिव पाए गए, जिससे चीन की डोपिंग दर भारत के समान रही।
उत्तर – (d)
व्याख्यात्मक उत्तर
- 17 दिसंबर, 2025 को विश्व एंटी-डोपिंग एजेंसी (वाडा) द्वारा जारी वर्ष 2024 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, भारत लगातार तीसरे वर्ष डोपिंग मामलों में दुनिया में पहले स्थान पर है।
- रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 में भारत के 260 खिलाड़ियों के नमूने प्रतिबंधित प्रदर्शन-वर्धक दवाओं (PEDs) के लिए पॉजिटिव पाए गए।
- उल्लेखनीय है कि दुनिया के किसी भी अन्य देश में डोपिंग के मामले तीन अंकों में नहीं थे।
- इन्हें प्रतिकूल विश्लेषणात्मक निष्कर्ष (एएएफ) के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जिससे भारत की डोपिंग दर 3.6% रही, जो उस वर्ष 5,000 से अधिक डोपिंग परीक्षण करने वाले देशों में सबसे अधिक है।
- भारत की राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (एनएडीए) ने वर्ष 2024 में 7,113 परीक्षण किए, जिनमें 6,576 मूत्र और 537 रक्त के नमूने शामिल थे।
- सकारात्मक परिणामों में 253 मूत्र और सात रक्त के नमूने शामिल थे।
- एनएडीए ने इन उच्च आंकड़ों का कारण व्यापक परीक्षण कार्यक्रम को बताया है, जिसे हाल के वर्षों में और तेज़ किया गया है।
- तुलना के लिए, वर्ष 2023 में भारत में 5,606 परीक्षणों में से 213 सकारात्मक परिणाम दर्ज किए गए थे, जो परीक्षण की संख्या और पुष्ट उल्लंघनों दोनों में वृद्धि दर्शाता है।
- भारत में डोपिंग की दर अन्य प्रमुख खेल राष्ट्रों की तुलना में काफी अधिक है।
- फ्रांस में 11,744 परीक्षणों में से 91 मामले पॉजिटिव पाए गए, रूस में 10,514 परीक्षणों में से 76 और चीन में 24,000 से अधिक नमूनों में से 43 मामले पॉजिटिव पाए गए।
- अमेरिका में, भारत की तुलना में कम परीक्षण किए गए, लेकिन वहां पॉजिटिविटी दर केवल 1.1% थी।
- ये आंकड़े भारत के खेल तंत्र में मौजूद संरचनात्मक चुनौतियों को उजागर करते हैं।
- वाडा के आँकड़े के अनुसार प्रतियोगिताओं के दौरान लगभग हर पाँच में से एक भारतीय खिलाड़ी का नमूना पॉजिटिव पाया गया।
- खेलवार आँकड़ों पर नज़र डालें तो एथलेटिक्स सबसे आगे है, जहाँ 76 मामले सामने आए।
- इसके बाद वेटलिफ्टिंग, कुश्ती, मुक्केबाज़ी और पावरलिफ्टिंग जैसे खेल हैं।
लेखक- विजय प्रताप सिंह
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