प्रश्न – 31 दिसंबर, 2025 को भारतीय रेलवे द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन एवं निर्मित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के अंतिम उच्च गति परीक्षण से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। विकल्पों में से बताइए कि कौन-सा तथ्य सही नहीं है—
(a) यह उच्च गति परीक्षण कोटा–नागदा खंड पर रेल सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) की देखरेख में किया गया।
(b) परीक्षण के दौरान ट्रेन ने 200 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति प्राप्त की।
(c) परीक्षण में यात्रा स्थिरता, कंपन व्यवहार, सामान्य एवं आपातकालीन ब्रेकिंग प्रणाली तथा सुरक्षा तंत्र का मूल्यांकन किया गया।
(d) 16 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को विशेष रूप से लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्राओं के लिए विकसित किया गया है।
उत्तर – (b)
व्याख्यात्मक उत्तर
- 31 दिसंबर, 2025 को भारतीय रेलवे द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का अंतिम उच्च गति परीक्षण रेल सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) की देखरेख में सफलतापूर्वक पूरा हुआ।
- यह परीक्षण कोटा-नागदा खंड पर किया गया और इस दौरान ट्रेन ने 180 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति प्राप्त की।
- परीक्षण के दौरान ट्रेन के विभिन्न तकनीकी पहलुओं का गहन मूल्यांकन किया गया।
- इसमें यात्रा की स्थिरता, कंपन व्यवहार, सामान्य व आपातकालीन ब्रेकिंग प्रणाली, तथा सुरक्षा तंत्र जैसे महत्वपूर्ण मानदंड शामिल थे।
- उच्च गति पर ट्रेन का प्रदर्शन संतोषजनक पाया गया, जिसके आधार पर सीआरएस ने इस ट्रायल को सफल घोषित किया।
- परीक्षण में प्रयुक्त 16-कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को विशेष रूप से लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्राओं को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।
- इसमें यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
- इस ट्रेन में आरामदायक स्लीपर बर्थ, स्वचालित दरवाजे, आधुनिक शौचालय, अग्नि सुरक्षा एवं निगरानी प्रणाली, सीसीटीवी आधारित सुरक्षा, डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली तथा ऊर्जा-कुशल तकनीकें शामिल हैं।
लेखक- विजय प्रताप सिंह
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