प्रश्न – ‘लैंड स्टैक (Land Stack)’ और ‘राजस्व शर्तों की शब्दावली (जीओआरटी)’ पहल के संदर्भ में विकल्प में कौन-सा कथन सही नहीं है?
(a) लैंड स्टैक एक जीआईएस-आधारित एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (DILRMP) के अंतर्गत विकसित किया गया है।
(b) लैंड स्टैक को पायलट आधार पर केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ और तमिलनाडु में लागू किया गया है।
(c) राजस्व शर्तों की शब्दावली (GORT) का उद्देश्य राज्यों में प्रचलित राज्य-विशिष्ट राजस्व शब्दावलियों को पूरी तरह समाप्त करना है।
(d) GORT का निर्माण भूमि संसाधन विभाग (DoLR) द्वारा यशदा, पुणे स्थित CoE-LAM के सहयोग से किया गया है, ताकि भूमि-संबंधी शब्दों की राष्ट्रीय स्तर पर तुलनीयता सुनिश्चित हो सके।
उत्तर – (c)
व्याख्यात्मक उत्तर
- 31 दिसंबर, 2025 को केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने नई दिल्ली में ‘लैंड स्टैक (Land Stack)’ का शुभारंभ और ‘राजस्व शर्तों की शब्दावली’ (जीओआरटी) का विमोचन किया।
- यह पहल डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (DILRMP) के अंतर्गत भूमि शासन को पारदर्शी, आधुनिक और नागरिक-केंद्रित बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
- लैंड स्टैक को सिंगापुर, यूनाइटेड किंगडम और फिनलैंड जैसे देशों की अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं से प्रेरित होकर विकसित किया गया है।
- लैंड स्टैक एक जीआईएस-आधारित एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे पायलट रूप में केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ और तमिलनाडु में लागू किया गया है।
- इसका उद्देश्य नागरिकों और सरकारी एजेंसियों को भूमि एवं संपत्ति से जुड़ी समग्र जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराना है।
- इससे न केवल नागरिक सूचित निर्णय ले सकेंगे, बल्कि अनधिकृत या गैर-अनुपालन संपत्तियों की खरीद से जुड़े जोखिम भी कम होंगे।
- यह पहल अंतर-विभागीय समन्वय, डेटा-आधारित नीति निर्माण और ई-गवर्नेंस सुधारों को सुदृढ़ करती है, जिससे शासन में पारदर्शिता और विश्वास बढ़ता है।
- इसी क्रम में, ‘राजस्व शर्तों की शब्दावली’ (जीओआरटी) का विमोचन भारत की भाषाई और प्रशासनिक विविधता को ध्यान में रखते हुए किया गया एक दूरदर्शी कदम है।
- भारत की भूमि प्रशासन प्रणाली राजा टोडरमल की राजस्व सुधार परंपरा से लेकर ब्रिटिश काल की रैयतवाड़ी और महालवाड़ी व्यवस्थाओं से प्रभावित रही है। परिणामस्वरूप, विभिन्न राज्यों में समान अवधारणाओं के लिए अलग-अलग शब्द तथा एक ही शब्द के लिए भिन्न अर्थ प्रचलित हैं।
- इस जटिलता को दूर करने के लिए भूमि संसाधन विभाग (DoLR) ने यशदा, पुणे स्थित भूमि प्रशासन एवं प्रबंधन उत्कृष्टता केंद्र (CoE-LAM) के सहयोग से जीओआरटी का निर्माण किया है।
- यह शब्दावली स्थानीय भाषाओं, हिंदी, अंग्रेज़ी और रोमन लिपि में राजस्व शब्दों के अर्थ प्रस्तुत करती है, जिससे भूमि संबंधी डेटा को राष्ट्रीय स्तर पर तुलनीय और इंटरऑपरेबल बनाया जा सके।
- महत्वपूर्ण बात यह है कि यह पहल राज्य-विशिष्ट शब्दावली को प्रतिस्थापित नहीं करती, बल्कि उनके बीच सेतु का कार्य करती है।
लेखक- विजय प्रताप सिंह
संबंधित लिंक भी देखें…
https://www.dord.gov.in/static/uploads/2026/01/7cbf739993eac27ffeea2a392358552a.pdf
