प्रश्न – जनवरी, 2026 में अधिसूचित ‘राष्ट्रीय खेल प्रशासन (राष्ट्रीय खेल निकाय) नियम, 2026’ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। इनमें से कौन-सा कथन सही नहीं है?
(a) प्रत्येक राष्ट्रीय खेल निकाय की सामान्य सभा में कम से कम चार उत्कृष्ट खिलाड़ियों (SOMs) को शामिल करना अनिवार्य है, जिनमें 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी।
(b) उत्कृष्ट खिलाड़ी के रूप में नामांकन हेतु न्यूनतम आयु 30 वर्ष निर्धारित की गई है तथा सक्रिय खेल से सेवानिवृत्ति अनिवार्य है।
(c) खिलाड़ियों की उपलब्धियों के मूल्यांकन हेतु 10-स्तरीय (टियर आधारित) प्रणाली निर्धारित की गई है, जिसमें शीर्ष स्तर पर ओलंपिक और पैरालंपिक पदक विजेता शामिल हैं।
(d) राष्ट्रीय खेल चुनाव पैनल में न्यूनतम 20 योग्य सदस्य होंगे तथा चुनाव अधिकारी का मानदेय अधिकतम पाँच लाख रुपये तक सीमित है।
उत्तर – (b)
व्याख्यात्मक उत्तर
- जनवरी, 2026 में भारत सरकार ने राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम, 2025 के अंतर्गत राष्ट्रीय खेल प्रशासन (राष्ट्रीय खेल निकाय) नियम, 2026 को अधिसूचित किया है।
- इन नियमों का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय खेल निकायों और क्षेत्रीय खेल महासंघों के कामकाज में सुधार लाना, खिलाड़ियों की भागीदारी सुनिश्चित करना तथा चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और समयबद्ध बनाना है।
- लंबे समय से खेल संगठनों में पारदर्शिता, प्रतिनिधित्व और जवाबदेही को लेकर उठते प्रश्नों के समाधान की दिशा में यह अधिसूचना एक निर्णायक पहल मानी जा रही है।
- नियमों की एक प्रमुख विशेषता उत्कृष्ट खिलाड़ियों (Sportspersons of Outstanding Merit – SOMs) को खेल प्रशासन में निर्णायक भूमिका देना है।
- इसके अंतर्गत प्रत्येक राष्ट्रीय खेल निकाय की सामान्य सभा में कम से कम चार उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शामिल करना अनिवार्य किया गया है।
- विशेष रूप से यह प्रावधान किया गया है कि इन खिलाड़ियों में 50 प्रतिशत महिलाएं हों, जिससे खेल प्रशासन में लैंगिक संतुलन और महिला प्रतिनिधित्व को मजबूती मिल सके।
- इसी प्रकार, कार्यकारी समिति में महिलाओं की भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए नियमों में यह व्यवस्था की गई है कि राष्ट्रीय खेल निकाय अपने उपनियमों के माध्यम से महिलाओं के लिए विशेष पद आरक्षित कर सकते हैं।
- यह प्रावधान खेल संगठनों के शीर्ष निर्णय-निर्माण स्तर पर महिलाओं की उपस्थिति को सुदृढ़ करता है।
- उत्कृष्ट खिलाड़ी के रूप में नामित होने के लिए पात्रता मानदंड भी स्पष्ट रूप से निर्धारित किए गए हैं।
- इसके अनुसार आवेदक की आयु कम से कम 25 वर्ष होनी चाहिए, वह सक्रिय खेल से सेवानिवृत्त हो तथा आवेदन से पूर्व कम से कम एक वर्ष तक किसी ऐसे प्रतिस्पर्धी आयोजन में भाग न लिया हो, जिससे जिला, राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर चयन होता हो।
- नियमों में खिलाड़ियों की उपलब्धियों के मूल्यांकन के लिए 10-स्तरीय (टियर आधारित) प्रणाली भी निर्धारित की गई है।
- इस प्रणाली के शीर्ष स्तर में ओलंपिक, पैरालंपिक और शीतकालीन ओलंपिक खेलों के पदक विजेता शामिल हैं, जबकि निचले स्तरों में राष्ट्रीय खेलों और राष्ट्रीय चैंपियनशिप के पदक विजेताओं को स्थान दिया गया है।
- यह व्यवस्था विभिन्न खेल विधाओं की प्रकृति और विविधता को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त रूप से लचीली रखी गई है।
- चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी नियमों में विस्तृत प्रावधान किए गए हैं।
- कार्यकारी समिति के चुनाव से जुड़ी प्रत्येक अवस्था—उत्कृष्ट खिलाड़ी के रूप में आवेदन, चुनाव की अधिसूचना, अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन और नामांकनके लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की गई है।
- इससे चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित होगा।
- इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय खेल चुनाव पैनल के गठन का भी प्रावधान किया गया है, जिसमें कम से कम 20 योग्य सदस्य होंगे।
- इसी पैनल से चुनाव अधिकारी का चयन किया जाएगा।
- चुनाव अधिकारी का मानदेय अधिकतम पाँच लाख रुपये तक सीमित रखा गया है।
- नियमों में अपात्रता से संबंधित प्रावधान भी सख्त रखे गए हैं।
- किसी न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध और कारावास की सजा पाए व्यक्ति को न केवल कार्यकारी समिति या एथलीट समिति के चुनाव से, बल्कि सामान्य सभा और अन्य समितियों की सदस्यता से भी वंचित किया गया है।
- सभी राष्ट्रीय खेल निकायों को इन नियमों के अनुरूप अपने उपनियमों में छह माह के भीतर संशोधन करना होगा।
- साथ ही, केंद्र सरकार को यह अधिकार भी दिया गया है कि वह आवश्यक कारणों को लिखित रूप में दर्ज करते हुए किसी खेल निकाय को अधिकतम बारह माह तक नियमों में छूट प्रदान कर सके।
लेखक- विजय प्रताप सिंह
संबंधित लिंक भी देखें…
https://www.newsonair.gov.in/centre-notifies-national-sports-governance-rules-2026
