राष्ट्रव्यापी वार्षिक स्वास्थ्य जांच पहल

प्रश्न – 40 वर्ष और उससे अधिक आयु के श्रमिकों के लिए वार्षिक स्वास्थ्य जांच पहल के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—

  1. इस पहल का शुभारंभ 7 मई, 2026 को किया गया।
  2. इसका शुभारंभ केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री द्वारा किया गया।
  3. यह पहल राष्ट्रव्यापी स्तर पर श्रमिकों के लिए आरंभ की गई है।
    उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही नहीं है/हैं?
    (a) केवल 1
    (b) केवल 2
    (c) केवल 2 और 3
    (d) 1, 2 और 3
    उत्तर – (b)
    व्याख्यात्मक उत्तर
  • 7 मई, 2026 को केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया 40 वर्ष और उससे अधिक आयु के श्रमिकों के लिए राष्ट्रव्यापी नि:शुल्‍क वार्षिक स्वास्थ्य जांच पहल का शुभारंभ किया।
  • यह पहल नए श्रम संहिताओं के अंतर्गत प्रस्तावित की गई है।
  • इसका औपचारिक शुभारंभ नई दिल्ली स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, बसईदारापुर से किया गया।
  • इस अवसर पर देशभर के 11 अन्य ईएसआईसी अस्पतालों में भी एक साथ शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित किए गए।
  • यह पहल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “श्रममेव जयते” दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य श्रमिकों की गरिमा को बढ़ाना और उनके लिए सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
  • चार नए श्रम संहिताओं के माध्यम से 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को चार व्यापक श्रेणियों में समेकित किया गया है।
  • इन सुधारों का उद्देश्य अनुपालन को सरल बनाना, रोजगार के औपचारिकरण को बढ़ावा देना और सामाजिक सुरक्षा के दायरे का विस्तार करना है।
  • सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत असंगठित, गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों को भी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने का प्रावधान किया गया है।
  • इसके साथ ही सामाजिक सुरक्षा कोष की स्थापना और ईएसआईसी लाभों का विस्तार भी इस संहिता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
  • नई श्रम व्यवस्था के अंतर्गत 40 वर्ष और उससे अधिक आयु के श्रमिकों के लिए वार्षिक स्वास्थ्य जांच अनिवार्य की गई है।
  • ईएसआई योजना के लाभार्थियों के लिए ये जांच ईएसआईसी के अस्पतालों और स्वास्थ्य सुविधाओं के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से की जाएंगी।
  • इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रारंभिक निदान, निवारक स्वास्थ्य सेवा और श्रमिकों के स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करना है।
  • इसके अतिरिक्त, खतरनाक या जोखिमपूर्ण कार्यों में लगे श्रमिकों—जैसे रसायनों, विषैले पदार्थों या भारी मशीनरी से जुड़े कार्यों में कार्यरत श्रमिकों के लिए चिकित्सा जांच आयु की परवाह किए बिना अनिवार्य होगी।
  • इस पहल के अंतर्गत श्रमिकों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का व्यवस्थित रख-रखाव और समय-समय पर निगरानी भी की जाएगी, ताकि उनके दीर्घकालिक स्वास्थ्य और कल्याण को सुनिश्चित किया जा सके।

लेखक- विजय प्रताप सिंह

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https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.a