रामसर कन्वेंशन के लिए अनुबंधकारी पक्षों के सम्मेलन (सीओपी15) की 15वीं बैठक -2025

प्रश्न – निम्न कथनों पर विचार कीजिए-

  1. 23-31 जुलाई, 2025 रामसर कन्वेंशन के लिए अनुबंधकारी पक्षों के सम्मेलन (सीओपी15) की 15वीं बैठक जिम्बाब्वे के विक्टोरिया फॉल्स में आयोजित हुई
  2. केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया
    उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा कथन सही है?
    (a) केवल 1 (b) केवल 2
    (c) 1 और 2 दोनों (d) इनमे से कोई नहीं
    उत्तर – (c)
    व्याख्यात्मक उत्तर
  • 23 – 31 जुलाई, 2025 रामसर कन्वेंशन के लिए अनुबंधकारी पक्षों के सम्मेलन (सीओपी15) की 15वीं बैठक जिम्बाब्वे के विक्टोरिया फॉल्स में आयोजित की गई
  • यह बैठक 172 संविदाकारी पक्षों, अंतर्राष्ट्रीय संगठन भागीदारों, वैज्ञानिक संस्थानों, नागरिक समाज और सामुदायिक प्रतिनिधियों को अगले त्रिवर्षीय अवधि के लिए कार्य योजना और बजटीय व्यवस्थाओं पर सहमति बनाने और विभिन्न मौजूदा और उभरते पर्यावरणीय मुद्दों पर मार्गदर्शन पर विचार करने के लिए एक साथ लाता है।
  • इसमें भारत की सक्रिय भागीदारी आर्द्रभूमि संरक्षण, जलवायु नेतृत्व और पारिस्थितिक स्थिरता एवं अंतर-पीढ़ीगत समता के सिद्धांतों को आगे बढ़ाने के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
  • केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया
  • इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, उन्होंने वैश्विक आर्द्रभूमि संरक्षण में भारत के योगदान पर प्रकाश डाला और बताया कि भारत में 91 रामसर स्थल (1.36 मिलियन हेक्टेयर) हैं, जो एशिया में सबसे बड़ा और विश्व स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा नेटवर्क है।
  • अपने संबोधन में, उन्होंने कहा, “पिछले एक दशक में, हमने इस नेटवर्क का 250 प्रतिशत विस्तार किया है। पहली बार, दो भारतीय शहरों—उदयपुर और इंदौर—को वेटलैंड सिटीज़ के रूप में मान्यता दी गई है, जो शहरी वेटलैंड्स के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”

लेखक- विवेक त्रिपाठी

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https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2148166