रक्षा मंत्रालय – एचएएल के मध्य अनुबंध

प्रश्न – 28 मार्च, 2025 को रक्षा मंत्रालय द्वारा हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के साथ किए गए अनुबंधों से संबंधित निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
(a) हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के साथ किए गए अनुबंधों के तहत 156 हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ की आपूर्ति की जाएगी, जिसमें से 66 भारतीय वायुसेना को और 90 भारतीय थलसेना को मिलेंगे।
(b) ‘प्रचंड’ हेलीकॉप्टर का निर्माण 100% स्वदेशी घटकों से किया जाएगा ताकि आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा दिया जा सके।
(c) इस अनुबंध से 250 से अधिक घरेलू कंपनियों, विशेषकर MSMEs को लाभ होगा और 8,500 से अधिक रोजगार सृजित होंगे।
(d) रक्षा मंत्रालय द्वारा वर्ष 2024-25 के दौरान कुल 193 अनुबंध किए गए, जिनमें से 92% अनुबंध घरेलू उद्योगों को दिए गए हैं।
उत्तर – (b)


व्याख्यात्मक उत्तर

  • 28 मार्च, 2025 को रक्षा मंत्रालय ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ दो अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए, जिनकी कुल कीमत 62,700 करोड़ रुपये (करों को छोड़कर) है।
  • ये अनुबंध 156 हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर (LCH) – ‘प्रचंड’ की आपूर्ति के लिए हुआ है।
  • इसमें से 66 हेलीकॉप्टर भारतीय वायु सेना (IAF) को दिए जाएंगे और 90 हेलीकॉप्टर भारतीय सेना को प्राप्त होंगे।
  • हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति तीसरे वर्ष से प्रारंभ होगी और यह अगले पांच वर्षों में पूरी की जाएगी।
  • ‘प्रचंड’ 5000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर संचालित होने में सक्षम भारत का पहला स्वदेशी लड़ाकू हेलीकॉप्टर है।
  • निर्माण के दौरान 65% से अधिक स्वदेशी घटकों का उपयोग किया जाएगा।
  • इससे 250 से अधिक घरेलू कंपनियों, विशेषकर एमएसएमई को लाभ होगा और 8,500 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न होंगे।

प्रश्न – भारतीय वायुसेना द्वारा लीज पर लिया जाने वाला पहला फ्लाइट रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट (FRA) निम्नलिखित में से कौन-सा है?
(a) IL-78 (b) KC-135
(c) A330 MRTT (d) C-17 Globemaster
उत्तर – (b)


व्याख्यात्मक उत्तर

  • रक्षा मंत्रालय ने मेट्रिया मैनेजमेंट कंपनी के साथ एक फ्लाइट रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट (FRA) की वेट लीजिंग (Wet Leasing) के लिए अनुबंध किया।
  • यह KC-135 एयरक्राफ्ट होगा, जिसे छह माह के भीतर उपलब्ध कराया जाएगा।
  • इससे भारतीय वायुसेनाऔर भारतीय नौसेना के पायलटों को एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग प्रशिक्षण प्राप्त होगा।
  • यह भारतीय वायुसेना द्वारा लीज पर लिया जाने वाला पहला फ्लाइट रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट होगा।
  • इन तीन अनुबंधों पर हस्ताक्षर के साथ वर्ष 2024-25 के दौरान रक्षा मंत्रालय द्वारा हस्ताक्षरित अनुबंधों की कुल संख्या 193हो गई है ,जिनके समग्र अनुबंध का मूल्य 2,09,050 करोड़ रुपये से अधिक है, जो अब तक का सबसे अधिक और पिछले उच्चतम आंकड़े से लगभग दोगुना है।
  • इनमें से 177 (92%) अनुबंध घरेलू उद्योग को दिए गए हैं, जिनका अनुबंध मूल्य 1,68,922 करोड़ रुपये (81%) था।

लेखक- विजय प्रताप सिंह 

संबंधित लिंक भी देखें…

https://www.thehindu.com/news/national/defence-ministry-signs-over-62700-crore-contract-with-hal-to-buy-156-light-combat-helicopters/article69387402.ece