यूपी में प्रसूति अवकाश के नियमों में बदलाव

प्रश्न – उत्तर प्रदेश की महिला सरकारी कर्मचारियों के प्रसूति अवकाश के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा तथ्य सही नहीं है?
(a) दो प्रसूति अवकाशों के बीच दो वर्ष के अंतराल की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है।
(b) महिला कर्मचारियों को 180 दिनों का सवेतन प्रसूति अवकाश मिलेगा।
(c) यह अवकाश पूरे सेवाकाल में अधिकतम तीन बार प्राप्त किया जा सकेगा।
(d) दो बच्चों के जन्म के बीच दो वर्ष से कम अंतर होने पर भी यह अवकाश मिलेगा।
उत्तर – (c)


व्याख्यात्मक उत्तर

  • 22 अगस्त, 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद ने सर्कुलेशन के माध्यम से महिला सरकारी कर्मचारियों के दो प्रसूति अवकाशों के बीच न्यूनतम दो वर्ष के अंतराल की अनिवार्यता समाप्त कर दी है।
  • अब दो बच्चों के जन्म के बीच दो वर्ष से कम अंतर होने पर भी महिला कर्मचारी को 180 दिनों का सवेतन प्रसूति अवकाश मिलेगा।
  • महिला कर्मचारी अपने पूरे सेवाकाल में यह अवकाश अधिकतम दो बार प्राप्त कर सकेंगी।
  • इसके लिए उत्तर प्रदेश वित्तीय हस्तपुस्तिका, खंड-II, भाग 2 से 4 के नियम 153(1) में संशोधन किया गया है।
  • पहले दो प्रसूति अवकाशों के बीच कम-से-कम दो वर्ष का अंतर होना आवश्यक था।
  • यह बदलाव इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस निर्णय के बाद किया गया, जिसमें केवल दो वर्ष का अंतर न होने के आधार पर प्रसूति अवकाश रोकने को अनुचित ठहराया गया था।
  • यह सुविधा पात्र दत्तक माताओं को भी उपलब्ध होगी।

लेखक- विजय प्रताप सिंह

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https://sarkaripariksha.com/current-affairs/up-cabinet-approves-revised-maternity-leave-rules