युद्धपोत ‘इक्षक’ भारतीय नौसेना को सौंपा गया

प्रश्न – निम्न कथनों पर विचार कीजिए –

  1. 14 अगस्त, 2025 को चार सर्वेक्षण पोत (बड़े) श्रेणी के जहाजों में तीसरा युद्धपोत ‘इक्षक’ भारतीय नौसेना को सौंपा गया
  2. इसका निर्माण गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई), कोलकाता द्वारा किया गया है।
    उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा कथन सही है ?
    (a) केवल 1 (b) केवल 2
    (c) 1 और 2 दोनों (d) इनमें से कोई नहीं
    उत्तर – (c)
    व्याख्यात्मक उत्तर
  • 14 अगस्त, 2025 को चार सर्वेक्षण पोत (बड़े) श्रेणी के जहाजों में तीसरा युद्धपोत ‘इक्षक’ भारतीय नौसेना को सौंपा गया
  • इसे भारतीय नौसेना के युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो ने 102वें जहाज के रूप में संचालित किया है
  • इसका निर्माण गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई), कोलकाता द्वारा किया गया है।
  • इस जहाज का उद्देश्य बंदरगाहों और उनके पहुंच मार्गों का पूर्ण पैमाने पर तटीय और गहरे पानी में हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण करना है साथ ही, नौवहन चैनलों और मार्गों का निर्धारण करना है।
  • ये जहाज रक्षा और नागरिक उपयोग के लिए समुद्र विज्ञान और भू-भौतिकीय डेटा भी एकत्र करेगा।
  • लगभग 3400 टन के विस्थापन और 110 मीटर की कुल लंबाई वाला इक्षक, अत्याधुनिक हाइड्रोग्राफिक उपकरणों जैसे डेटा अधिग्रहण एवं संसाधित करने वाली प्रणाली, स्वायत्त अंडरवॉटर वाहन, दूर से संचालित वाहन, डीजीपीएस लंबी दूरी की स्थिति निर्धारण प्रणाली और डिजिटल साइड स्कैन सोनार आदि से लैस है।
  • दो डीजल इंजनों द्वारा संचालित ये जहाज 18 नॉट से अधिक की गति प्राप्‍त कर सकता है।
  • इसके अलावा, इक्षक महिला अधिकारियों और नाविकों के लिए आवास के साथ सुपुर्द किया जाने वाला पहला एसवीएल जहाज है।
  • इस जहाज की नींव 6 अगस्त, 2021 को रखी गई थी और इसका 26 नवंबर, 2022 को जलावतरण किया गया था।
  • इस श्रेणी के पहले जहाज, आईएनएस संध्याक, को 3 फरवरी, 2024 को और दूसरे जहाज, आईएनएस निर्देशक, को 18 दिसंबर, 2024 को कमीशन किया गया था।

लेखक- विवेक त्रिपाठी

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https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2156516