प्रश्न – मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (एमपीएमएस) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
- यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पाँच वर्षों के लिए लागू की जाएगी।
- टीएस-1 के अंतर्गत आवेदन करने वाली कंपनी का वित्त वर्ष 2025-26 में न्यूनतम कारोबार 1,000 करोड़ रुपये होना आवश्यक है।
- टीएस-2 के अंतर्गत भारतीय मोबाइल फोन ब्रांडों को 5 प्रतिशत तथा भारतीय डिजाइन एवं अनुसंधान-विकास के लिए अतिरिक्त 3 प्रतिशत प्रोत्साहन दिया जाएगा।
- दोनों लक्षित वर्गों में प्रमुख कलपुर्जों एवं उप-संयोजनों की घरेलू खरीद पर 1.5 प्रतिशत तक अतिरिक्त प्रोत्साहन मिल सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 1, 2 और 3
(c) केवल 1, 3 और 4
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर – (c)
व्याख्यात्मक उत्तर
- 21 अगस्त, 2026 को इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता एवं घरेलू मूल्य संवर्धन बढ़ाने के लिए 62,500 करोड़ रुपये के बजट वाली मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (एमपीएमएस) की घोषणा की।
- यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पाँच वर्षों के लिए लागू होगी।
- इसने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुई बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण हेतु उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना (PLI-LSEM) का स्थान लिया है।
० इस योजना के दो लक्षित वर्ग हैं— - टीएस-1: मोबाइल फोन विनिर्माण को प्रोत्साहन।
- इसके अंतर्गत 2.25 से 5 प्रतिशत तक प्रोत्साहन मिलेगा।
- आवेदक कंपनी का वित्त वर्ष 2025-26 में न्यूनतम कारोबार 10,000 करोड़ रुपये होना चाहिए।
- टीएस-2: भारतीय मोबाइल फोन ब्रांडों को सहयोग।
- पात्र कंपनियों का न्यूनतम कारोबार 1,000 करोड़ रुपये होना चाहिए।
- भारतीय ब्रांडों को 5 प्रतिशत तथा भारतीय डिजाइन और अनुसंधान एवं विकास के लिए अतिरिक्त 3 प्रतिशत प्रोत्साहन दिया जाएगा।
- दोनों वर्गों में प्रमुख कलपुर्जों एवं उप-संयोजनों की घरेलू खरीद पर 1.5 प्रतिशत तक अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा, बशर्ते वे कुल निर्मित मोबाइल इकाइयों के कम-से-कम 25 प्रतिशत में प्रयुक्त हों।
- टीएस-2 के लिए कंपनी में 51 प्रतिशत से अधिक भारतीय हिस्सेदारी, भारतीय प्रबंधन नियंत्रण, भारत में पंजीकृत बौद्धिक संपदा एवं ट्रेडमार्क तथा घरेलू अनुसंधान-डिजाइन क्षमताएँ आवश्यक हैं।
- इस योजना से लगभग 39 लाख करोड़ रुपये का उत्पादन और 60,000 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है।
- वर्तमान में भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता है तथा देश में प्रयुक्त 99.2 प्रतिशत मोबाइल फोन भारत में निर्मित होते हैं।
लेखक- विजय प्रताप सिंह
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