मरुस्थलीकरण पर संयुक्‍त राष्ट्र सम्मेलन (कॉप-17), 2026

प्रश्न – 17-28 अगस्त,2026 को संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण निवारण सम्मेलन (यूएनसीसीडी) के पक्षकारों के सम्मेलन (कॉप-17) का 17वां सत्र कहां आयोजित किया जा रहा है?
(a) नई दिल्ली (b) जयपुर
(c) बैंकाक (d) उलानबातर
उत्तर – (d)


व्याख्यात्मक उत्तर

  • 17-28 अगस्त,2026 के मध्य संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण निवारण सम्मेलन (यूएनसीसीडी) के पक्षकारों के सम्मेलन (कॉप-17) का 17वां सत्र उलानबातर,मंगोलिया में आयोजित किया जा रहा है
  • 17 अगस्त, 2026 को भारत के घास के मैदानों और अन्य खुले प्राकृतिक इकोसिस्टम (ओएनईएस) के लिए अपनी पहली मार्गदर्शिका का शुभारंभ किया।
  • यह दस्तावेज़ भारत के घास के मैदानों, सवाना, मरुस्थलों और अन्य खुले प्राकृतिक इको-सिस्टम की समृद्ध विविधता, पारिस्थितिक महत्व और सामाजिक-आर्थिक महत्व को उजागर करता है।
  • यह इनके संरक्षण, पुनर्स्थापन और सतत प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
  • यह मार्गदर्शिका भारत भर के प्रमुख खुले प्राकृतिक इकोसिस्टम (ओपन नेचुरल इकोसिस्टम्स) की जानकारी संकलित करती है।
  • इसमें उनकी भौगोलिक स्थिति, पारिस्थितिक विशेषताएं, जैव विविधता और उनसे जुड़े समुदायों और जनजातियों का विवरण शामिल है।
  • इसके साथ ही पशुपालन, अग्नि पारिस्थितिकी और कार्बन पृथक्करण पर भी विषयगत अनुभाग भी हैं।
  • भारत के ये इकोसिस्टम हिमालय और तराई के घास के मैदानों से लेकर थार और बन्नी के भूभाग, दक्कन के सवाना, पथरीले पठार, खड्ड, झाड़ीदार भूमि, तटीय इकोसिस्टम और रेगिस्तानी भूभाग तक फैले हुए हैं।
  • ये इकोसिस्टम विविध जैव विविधता का समर्थन करते हैं, मृदा और जल प्रक्रियाओं में योगदान करते हैं, अपनी मृदा में पर्याप्त कार्बन संग्रहित करते हैं और पशुपालन, पशुधन आधारित और कृषि आजीविका को बनाए रखते हैं।

लेखक- विवेक त्रिपाठी

संबंधित लिंक भी देखें…

https://www.unccd.int/cop17

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2300634&lang=2&reg=48

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