मरुस्थलीकरण और सूखे से निपटने की रणनीति पर राष्ट्रीय कार्यशाला-2025

प्रश्न – 17 जून , 2025 को मरुस्थलीकरण और सूखे से निपटने की रणनीति पर राष्ट्रीय कार्यशाला-2025 कहाँ आयोजित किया गया?
(a) नई दिल्ली (b) जोधपुर
(c) रांची (d) पुणे
उत्तर – (b)


व्याख्यात्मक उत्तर

  • 17 जून, 2025 को मरुस्थलीकरण और सूखे से निपटने की रणनीति पर राष्ट्रीय कार्यशाला-2025 भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद – शुष्क वन अनुसंधान संस्थान (आईसीएफआरई-एएफआरआई), जोधपुर में आयोजित किया गया
  • इसका आयोजन भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी) द्वारा विश्व मरुस्थलीकरण एवं सूखा रोकथाम दिवस के अवसर पर किया गया
  • इस कार्यक्रम का विषय था ‘‘मरुस्थलीकरण एवं सूखा रोकथाम की रणनीतियां’’
  • जिसमें शुष्क एवं अर्ध-शुष्क पारिस्थितिकी तंत्रों में सतत भूमि प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित किया गया
  • संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण रोकथाम सम्मेलन के प्रति भारत की प्रतिबद्धता के अनुरूप, सरकार ने पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने, सूखे से निपटने और जैव विविधता के विस्तार पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाया है।
  • इन चुनौतियों से निपटने के लिए निम्नलिखित कदम पारिस्थितिक संतुलन को बढावा देने में मदद कर सकते हैं:
    • अमृत सरोवर: इसका उद्देश्य मरुस्थलीकरण की रोकथाम और जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए जलाशयों को पुनर्जीवित करना है।
    • मातृ वन: समुदायों को, विशेष रूप से अरावली क्षेत्र में, अपनी माताओं के नाम पर पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित करना, जिससे प्रकृति के साथ गहरा संबंध विकसित हो।
    • एक पेड़ मां के नाम: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया एक राष्ट्रव्यापी अभियान, जिसमें नागरिक अपनी माताओं के सम्मान में पेड़ लगाते हैं, जो ‘धरती माता’ के प्रति सम्मान का प्रतीक है।

लेखक- विवेक त्रिपाठी

संबंधित लिंक भी देखें…

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2136707