प्रश्न – 10 फ़रवरी‚ 2026 को ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल द्वारा ‘भ्रष्टाचार बोध सूचकांक‚ 2025’ जारी किया गया। इससे संबंधित निम्न कथनों पर विचार कीजिए-
(i) इस सूचकांक में 182 देशों को रैंकिंग प्रदान की गई है।
(ii) इस सूचकांक में डेनमार्क को शीर्ष स्थान प्राप्त हुआ है
(iii) इसमें भारत 85 वें स्थान पर रहा।
उपर्युक्त कथनों में से कौन/सा/से कथन सही है/हैं?
(a) केवल (i) (b) केवल (ii) और (iii)
(c) (i) एवं (ii) दोनों (d) उपर्युक्त सभी
उत्तर – (c)
व्याख्यात्मक उत्तर
- 10 फ़रवरी‚ 2026 को ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल द्वारा ‘भ्रष्टाचार बोध सूचकांक‚2025’ जारी किया गया।
- इस सूचकांक में 182 देशों और क्षेत्रों की रैंकिंग की गई है
- इस वर्ष, एक दशक से अधिक समय में पहली बार वैश्विक औसत 100 में से केवल 42 पर आ गया है।
- अधिकांश देश भ्रष्टाचार को नियंत्रण में रखने में असफल हैं: सूचकांक में 182 में से 122 देशों का स्कोर 50 से कम है।
- यह सूचकांक 0 से 100 अंकों तक विस्तारित है‚ जिसमें 0 का अर्थ सर्वाधिक भ्रष्ट तथा 100 का अर्थ सर्वाधिक ईमानदार (Very Clean) है।
- सूचकांक में डेनमार्क को शीर्ष स्थान प्राप्त हुआ है
- इसका स्कोर 89 रहा।
- इसके पश्चात फ़िनलैंड को दूसरा(स्कोर -88),तथा सिंगापुर को तीसरा (स्कोर -84) स्थान प्राप्त हुआ
- न्यूज़ीलैंड और नॉर्वे, को संयुक्त रूप से चौथा (स्कोर -81) स्थान प्राप्त हुआ है
- अब केवल पांच देश ऐसे हैं जिनका स्कोर 80 से ऊपर है (जबकि एक दशक पहले यह संख्या 12 थी)। उच्च स्कोर वाले लोकतंत्रों में हालिया गिरावट दिखाती है कि भ्रष्टाचार के जोखिम वहाँ भी बढ़ सकते हैं जहाँ संस्थाएँ कभी सुरक्षित दिखती थीं।
- खास तौर पर चिंताजनक प्रवृत्ति यह है कि कई लोकतंत्रों में भ्रष्टाचार की धारणा बिगड़ रही है—जैसे संयुक्त राज्य अमेरिका (64), कनाडा (75), न्यूज़ीलैंड (81)—और यूरोप के कई हिस्सों में भी, जैसे यूनाइटेड किंगडम (70), फ्रांस (66) और स्वीडन (80)।
- इसमें दक्षिण सूडान और सोमालिया को संयुक्त रूप से सबसे निचला स्थान (181वां) प्राप्त हुआ है।
- अर्थात ये सर्वाधिक भ्रष्ट देश है।
- इस इंडेक्स में भारत, ट्यूनीशिया, मोरक्को, अल्बानिया और मालदीव के साथ संयुक्त रूप से 91वें (स्कोर-39) स्थान पर रहा।
- जबकि गत वर्ष भारत इस सूचकांक में 96वें पर था।
- भारत के पड़ोसी देशों में भूटान को 18वां‚ चीन को 76वां‚ नेपाल को 109वां ,श्रीलंका को 107वां‚ पाकिस्तान को 136वां तथा बांग्लादेश को 150वां स्थान प्राप्त हुआ।
लेखक- विवेक त्रिपाठी
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