प्रश्न – भारत और यूरोपीय संघ द्वारा मई, 2026 में शुरू की गई ईवी बैटरी पुनर्चक्रण पहल के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए –
- यह पहल भारत-ईयू व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद के कार्य समूह-2 के अंतर्गत शुरू की गई है।
- इस पहल का संबंध हरित एवं स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी से है।
- इसका मुख्य उद्देश्य जीवाश्म ईंधन आधारित वाहनों को प्रोत्साहित करना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर – (a)
व्याख्यात्मक उत्तर
- 5 मई, 2026 को भारत और यूरोपीय संघ द्वारा यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) के कार्य समूह-2: हरित एवं स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी के अंतर्गत इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) बैटरियों के पुनर्चक्रण को मजबूत करने के लिए 15.2 मिलियन यूरो / लगभग 169 करोड़ रुपये की संयुक्त पहल शुरू की गई है।
- इस पहल के तहत ईवी बैटरियों के पुनर्चक्रण पर केंद्रित तीसरे समन्वित प्रस्ताव आमंत्रण की घोषणा की गई है।
- प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर, 2026 है।
- इसका उद्देश्य लिथियम, ग्रेफाइट और कोबाल्ट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता सुनिश्चित करना, चक्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना और भारत-ईयू तकनीकी सहयोग को मजबूत करना है।
- इस पहल को यूरोपीय संघ के होराइजन यूरोप कार्यक्रम और भारत के भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा वित्तीय सहायता दी जाएगी।
- इसके तहत उच्च दक्षता वाली सामग्री पुनर्प्राप्ति, सुरक्षित व डिजिटल संग्रह प्रणाली, मिश्रित रसायन प्रबंधन और द्वितीय-जीवन अनुप्रयोगों पर काम किया जाएगा।
- भारत में एक भारत-ईयू संयुक्त पायलट लाइन भी स्थापित की जाएगी, जिससे तकनीकों का वास्तविक स्तर पर परीक्षण और औद्योगिक उपयोग संभव होगा।
लेखक- विजय प्रताप सिंह
संबंधित लिंक भी देखें…
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