भारत में लॉजिस्टिक्स लागत के आकलन पर रिपोर्ट

प्रश्न – 20 सितम्बर 2025 को “मेक इन इंडिया” पहल के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर जारी भारत की लॉजिस्टिक्स लागत आकलन रिपोर्ट के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
(a) यह रिपोर्ट पहली बार भारत की लॉजिस्टिक्स लागत का वैज्ञानिक और व्यापक आकलन प्रस्तुत करती है।
(b) रिपोर्ट एनसीएईआर द्वारा डीपीआईआईटी के लिए तैयार की गई है।
(c) रिपोर्ट के अनुसार भारत की लॉजिस्टिक्स लागत कुल GDP का लगभग 13–14% आँकी गई है।
(d) इसमें हाइब्रिड पद्धति का प्रयोग किया गया, जिसमें द्वितीयक आँकड़ों के साथ देशव्यापी सर्वेक्षण जोड़े गए।
उत्तर – (c)


व्याख्यात्मक उत्तर

  • 20 सितम्बर 2025 को “मेक इन इंडिया” पहल के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में भारत में लॉजिस्टिक्स लागत के आकलन पर रिपोर्ट जारी की।
  • यह पहली बार है जब भारत के लिए वैज्ञानिक और व्यापक आधार पर लॉजिस्टिक्स लागत का अकलन किया गया है।
  • यह रिपोर्ट राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति (2022) के अनुरूप तैयार की गई है।
  • अब तक भारत में लॉजिस्टिक्स लागत के आंकड़े GDP के 13–14% के बीच माने जाते थे, जो आंशिक या बाहरी अध्ययनों पर आधारित थे।
  • इस विसंगति ने न केवल नीति-निर्माताओं बल्कि वैश्विक निवेशकों में भी भ्रम पैदा किया।
  • नई रिपोर्ट, जिसे एनसीएईआर की ओर से डीपीआईआईटी के लिए तैयार किया है, भारत की लॉजिस्टिक्स लागत को कुल जीडीपी का लगभग 7.97% आंकती है।
  • यह पारदर्शी और विश्वसनीय अनुमान है जो आगे की नीति और निवेश निर्णयों के लिए ठोस आधार बनेगा।
  • इस आकलन में हाइब्रिड पद्धति अपनाई गई है, जिसमें द्वितीयक आंकड़ों के साथ-साथ देशव्यापी सर्वेक्षणों को जोड़ा गया।
  • रिपोर्ट में विभिन्न परिवहन साधनों, उत्पाद श्रेणियों और उद्योग आकारों के आधार पर लागत का विवरण दिया गया है।
  • यह रिपोर्ट प्रति टन–किलोमीटर माल ढुलाई की लागत और बहु-मोडल परिवहन की उपयोगिता को भी स्पष्ट करती है।
  • पिछले पाँच वर्षों के रुझान बताते हैं कि गैर-सेवा उत्पादन वृद्धि की तुलना में लॉजिस्टिक्स लागत की वृद्धि दर में कमी आई है।
  • यह सरकार की समग्र नीतिगत पहलों और अवसंरचना सुधारों का प्रत्यक्ष परिणाम है।
  • इसके अतिरिक्त, इस रिपोर्ट से भारत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।

लेखक- विजय प्रताप सिंह

संबंधित लिंक भी देखें…

https://www.pib.gov.in/PressReleseDetailm.aspx?PRID=2169053