भारत में महिलाएँ और पुरुष 2025 – प्रवृत संकेतक और डेटा

भारत में महिलाएँ और पुरुष 2025 - प्रवृत संकेतक और डेटा

प्रश्न – निम्न में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
(a) 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिला श्रम भागीदारी दर 2023-24 में 60.1% थी।
(b) वर्ष 2024 में महिला मतदान दर पुरुषों से अधिक रही।
(c) डीमैट खातों में पुरुषों की भागीदारी महिला खाताधारकों से कम रही है।
(d) वर्ष 2017 में महिला निदेशक वाले स्टार्टअप्स की संख्या 1,943 थी।
उत्तर – (c)

व्याख्यात्मक उत्तर

  • 6 अप्रैल, 2025 को सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI), भारत सरकार ने “भारत में महिलाएं और पुरुष 2024: प्रवृत संकेतक और डेटा” शीर्षक से अपने प्रकाशन का 26 वां संस्करण जारी किया।
  • यह प्रकाशन भारत में लैंगिक परिदृश्य की व्यापक झलक प्रस्तुत करता है।
  • इसमें जनसंख्या, शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक भागीदारी और निर्णय लेने जैसे प्रमुख क्षेत्रों के प्रवृत संकेतक और डेटा प्रस्तुत किया गया है।
  • ये संकेतक और डेटा सभी विभिन्न मंत्रालयों/विभागों/संगठनों से प्राप्त किए गए हैं।
  • यह आधिकारिक आँकड़ों का उपयोग करते हुए शहरी-ग्रामीण विभाजन और भौगोलिक क्षेत्रों में लैंगिक-विभाजित डेटा प्रस्तुत करता है।
  • 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों में महिला श्रम भागीदारी दर (LPFR) वर्ष 2017-18 में 49.8% से बढ़कर वर्ष 2023-24 में 60.1% हो गई, जो एक महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाता है।
  • महिलाओं के पास सभी बैंक खातों का 39.2% हिस्सा है और कुल जमा में उनका योगदान 39.7% है।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी अधिक है, जहां वे 42.2% खाताधारक हैं।
  • 31 मार्च, 2021 से 30 नवंबर, 2024 के बीच डीमैट खातों की कुल संख्या 33.26 मिलियन से बढ़कर 143.02 मिलियन हो गई अर्थात चार गुना वृद्धि हुई है।
  • पुरुष खाताधारकों की संख्या लगातार महिला खाताधारकों से अधिक रही है लेकिन महिलाओं की भागीदारी में भी वृद्धि देखी गई है।
  • पुरुष खातों की संख्या वर्ष 2021 में 26.59 मिलियन से बढ़कर वर्ष 2024 में 115.31 मिलियन हो गई है जबकि इसी अवधि के दौरान महिला खातों की संख्या 6.67 मिलियन से बढ़कर 27.71 मिलियन हो गई है।
  • वर्ष 2021-22 से 2023-24 के बीच निर्माण, व्यापार और सेवाओं जैसे क्षेत्रों में महिला-स्वामित्व वाले स्वामित्व प्रतिष्ठानों में बढ़ोतरी देखी गई है।
  • वर्ष 1952 में कुल मतदाताओं की संख्या 173.2 मिलियन से बढ़कर वर्ष 2024 में 978 मिलियन हो गई जिसमें महिला मतदाता पंजीकरण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
  • महिला मतदाताओं द्वारा मतदान में पिछले कुछ वर्षों में भिन्नता रही है जो वर्ष 2019 में 67.2% तक पहुंच गई थी लेकिन वर्ष 2024 में थोड़ी गिरावट के साथ 65.8% है।
  • मतदान में लैंगिक अंतर कम हो गया है।
  • वर्ष 2024 में पहली बार महिला मतदान दर पुरुषों से अधिक रही।
  • डीपीआईआईटी द्वारा मान्यता प्राप्त महिला निदेशक वाले स्टार्टअप्स की संख्या वर्ष 2017 में 1,943 से बढ़कर वर्ष 2024 में 17,405 हो गई, जो सशक्त महिला उद्यमिता को दर्शाता है।

लेखक- विजय प्रताप सिंह

संबंधित लिंक भी देखें…

https://pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2119441#:~:text=The%20publication%20offers%20a%20comprehensive%20overview%20of%20the,and%20decision-making%2C%20all%20sourced%20from%20various%20Ministries%2F%20Departments%2FOrganizations.