प्रश्न – 17 फरवरी, 2026 को नेपाल और भारत के बीच पारस्परिक कानूनी सहायता (Mutual Legal Assistance) से संबंधित समझौते के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
- यह समझौता केवल आतंकवाद से संबंधित मामलों तक सीमित है।
- इसका उद्देश्य आपराधिक जांच, अभियोजन और न्यायिक प्रक्रियाओं में सहयोग को सुदृढ़ करना है।
- इस समझौते के अंतर्गत साक्ष्य संग्रह, सूचना साझाकरण और सक्षम अधिकारियों के बीच समन्वय शामिल है।
- यह समझौता मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी वित्तपोषण से निपटने में सहायक होगा।
उपरोक्त में से कौन सा कथन सही नहीं है?
(a) केवल 1
(b) केवल 1 और 2
(c) केवल 2 और 3
(d) केवल 4
उत्तर – (a)
व्याख्यात्मक उत्तर
- 17 फरवरी, 2026 को नेपाल के कानून न्याय तथा संसदीय मामले मंत्रालय ने जानकारी प्रदान की कि नेपाल और भारत ने आपराधिक जांच और कानूनी कार्यवाही में सहयोग करने के लिए पारस्परिक कानूनी सहायता पर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
- यह समझौता दोनों देशों को आपराधिक जांच और कानूनी कार्यवाही में सहयोग करने में सक्षम बनाएगा।
- आपराधिक मामलों से संबंधित जांच, अभियोजन और न्यायिक प्रक्रियाओं में सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से यह समझौता हुआ है।
- इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आपराधिक मामलों में कानूनी सहायता के आदान-प्रदान को सुविधाजनक बनाना है, जिसमें साक्ष्य संग्रह, सूचना साझाकरण और जांच तथा अदालती कार्यवाही के दौरान सक्षम अधिकारियों के बीच समन्वय शामिल है।
- यह समझौता नेपाल में वित्तीय अपराध को कम करने के साथ-साथ आपराधिक जांच, अभियोग और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में एक मील का पत्थर साबित होगा।
- इससे मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी गतिविधियों में वित्तीय निवेश से निपटने में भी मदद मिलेगी।
लेखक- विजय प्रताप सिंह
संबंधित लिंक भी देखें…
https://www.mea.gov.in/bilateral-documents.htm?dtl/6295/Treaty+of+Peace+and+Friendship
