प्रश्न – निम्नलिखित में से कौन-सा तथ्य जयपुर में शुरू की गई भारत की पहली AI-संचालित ड्रोन आधारित क्लाउड सीडिंग पायलट परियोजना के संबंध में सही नहीं है?
(a) यह परियोजना राजस्थान सरकार और भारत-अमेरिका की तकनीकी कंपनी जेनएक्स एआई के सहयोग से चलाई जा रही है।
(b) ‘हाइड्रो ट्रेस’ एआई प्लेटफॉर्म बादलों की पहचान के लिए वास्तविक समय के डेटा और सेंसर का उपयोग करता है।
(c) परियोजना के तहत केवल 10 दिनों में 60 टेस्ट फ्लाइट्स पूरी की जाएंगी।
(d) सीडिंग के लिए सोडियम क्लोराइड जैसे एजेंट का उपयोग किया जाता है।
उत्तर – (c)
व्याख्यात्मक उत्तर
- 12 अगस्त, 2025 को राजस्थान के सूखा प्रभावित क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ाने और रामगढ़ झील को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से जयपुर में ड्रोन के माध्यम से कृत्रिम वर्षा कराने की एक पायलट परियोजना शुरू की गई।
- यह भारत की पहली ऐसी परियोजना है, जिसमें ड्रोन-आधारित क्लाउड सीडिंग तकनीक को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के साथ जोड़ा गया है।
- यह पायलट प्रोजेक्ट राजस्थान सरकार और भारत-अमेरिका की तकनीकी कंपनी जेनएक्स एआई के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।
- जयपुर में वैज्ञानिकों की एक टीम के नेतृत्व में यह परियोजना, एआई प्लेटफॉर्म ‘हाइड्रो ट्रेस’ का उपयोग करके वास्तविक समय के डेटा, उपग्रह चित्र और सेंसर की मदद से क्लाउड सीडिंग के लिए उपयुक्त बादलों की पहचान करता है।
- उपयुक्त परिस्थितियां मिलने पर ड्रोन सोडियम क्लोराइड जैसे सीडिंग एजेंट छोड़ते हैं, जिससे वर्षा की बूंदें बनने में मदद मिलती है।
- यह 60-दिन का मिशन होगा, जिसमें लगभग 60 टेस्ट फ्लाइट्स होंगी।
- मौसम के अनुसार महीने में 4–5 उड़ानें होंगी।
- भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के डेटा का विश्लेषण कर सीडिंग के समय का निर्धारण किया जाएगा।
- इस परियोजना को नागर विमानन महानिदेशालय (डी.जी.सी.ए), कृषि विभाग, मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन से अनुमति प्राप्त है।
लेखक- विजय प्रताप सिंह
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