भारत का पहला स्वदेशी एमआरआई स्कैनर

प्रश्न – दिसंबर 2025 में वॉक्सेलग्रिड्स (VoxelGrids) द्वारा विकसित भारत के पहले पूर्णतः स्वदेशी 1.5 टेस्ला एमआरआई स्कैनर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
(a) यह स्कैनर “ड्राई मैग्नेट” तकनीक पर आधारित है, जिसमें तरल हीलियम की आवश्यकता नहीं होती।
(b) इसका निर्माण लागत अन्य एमआरआई मशीनों से लगभग 40% अधिक है।
(c) यह भारत में पहली पूर्णतः स्वदेशी 1.5 टेस्ला एमआरआई प्रणाली की नैदानिक स्थापना है।
(d) यह स्कैनर नागपुर के पास चंद्रपुर कैंसर केयर फाउंडेशन में स्थापित किया गया है।
उत्तर – (b)


व्याख्यात्मक उत्तर

  • दिसंबर, 2025 में जोहो-समर्थित स्टार्टअप वॉक्सेलग्रिड्स (VoxelGrids) ने भारत का पहला पूर्णतः स्वदेशी 1.5 टेस्ला मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) स्कैनर विकसित किया है।
  • एमआरआई स्कैनर का आधिकारिक अनावरण 25 दिसंबर, 2025 को किया गया।
  • यह वॉक्सेलग्रिड्स के संस्थापक अर्जुन अरुणाचलम के नेतृत्व में लगभग 12 वर्षों के अनुसंधान और विकास का परिणाम है।
  • यह स्कैनर नागपुर के पास स्थित स्थित चंद्रपुर कैंसर केयर फाउंडेशन में स्थापित किया गया है।
  • कंपनी के अनुसार, भारत में पूर्णत: स्वदेशी 1.5 टेस्ला एमआरआई सिस्टम की यह पहली नैदानिक स्थापना है।
  • वॉक्सेलग्रिड्स की एमआरआई मशीन “ड्राई मैग्नेट” तकनीक पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि इसके मैग्नेट को ठंडा करने के लिए तरल हीलियम की आवश्यकता नहीं होती, जैसा कि अन्य एमआरआई मशीनों में आम तौर पर होता है और जो महंगा और दुर्लभ होता है।
  • इससे इसकी निर्माण लागत अन्य एमआरआई मशीनों की तुलना में 40% तक कम हो जाती है, और इसका वजन भी अन्य मशीनों के 6 टन की तुलना में लगभग 2 से 3 टन कम होता है।
  • इसका एक और फायदा इसका छोटा आकार है, जिससे इसे ग्रामीण या अर्ध-ग्रामीण क्षेत्रों में भी ले जाया जा सकता है।

लेखक- विजय प्रताप सिंह

संबंधित लिंक भी देखें…

https://www.thehindubusinessline.com/companies/zoho-backed-voxelgrids-builds-indias-first-indigenous-mri-scanner/article70437325.ece