प्रश्न – – निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए –
- अमरावती में प्रस्तावित क्वांटम एवं एआई परिसर की स्थापना राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT) डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी के विशिष्ट परिसर के रूप में की जाएगी।
- परिसर की स्थापना के लिए NIELIT और आंध्र प्रदेश सरकार के बीच समझौता ज्ञापन फरवरी 2026 में हस्ताक्षरित हुआ था।
- परियोजना का वित्तपोषण आंध्र प्रदेश सरकार और निजी क्षेत्र द्वारा समान अनुपात में किया जाएगा।
- स्थायी परिसर तैयार होने तक आचार्य नागार्जुन विश्वविद्यालय में अस्थायी केंद्र संचालित करने की योजना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 1, 2 और 4
(c) केवल 2, 3 और 4
(d) 1, 2, 3 और 4
उत्तर – (b)
व्याख्यात्मक उत्तर
- आंध्र प्रदेश सरकार ने राजधानी अमरावती में भारत के पहले समर्पित क्वांटम एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विश्वविद्यालय परिसर की स्थापना को मंजूरी दी।
- 27 अगस्त, 2026 को राज्य सरकार की मंजूरी मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता वाली CRDA प्राधिकरण की बैठक में दी गई।
- यह कोई अलग नया विश्वविद्यालय नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अधीन राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT) डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी का विशिष्ट परिसर होगा।
- इसके लिए NIELIT और आंध्र प्रदेश सरकार ने 20 फरवरी, 2026 को ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे।
- प्रस्तावित परिसर लगभग 8.5 एकड़ में स्थापित होगा।
- पाँच वर्षों में इस पर लगभग 730.70 करोड़ रुपये व्यय होने का अनुमान है।
- इस परियोजना को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की अनुदान-सहायता से पूर्णतः वित्तपोषित करने का प्रस्ताव है।
- परिसर में क्वांटम कंप्यूटिंग एवं एल्गोरिदम, क्वांटम संचार एवं साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, सेमीकंडक्टर निर्माण, चिप – डिजाइन, VLSI, एम्बेडेड सिस्टम और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- इसमें स्नातक, स्नातकोत्तर, पीएचडी, डिप्लोमा तथा कार्यकारी पाठ्यक्रमों के साथ उन्नत अनुसंधान प्रयोगशालाएँ, उद्योग-संबद्ध उत्कृष्टता केंद्र, स्टार्टअप इनक्यूबेशन और उद्यमिता सुविधाएँ विकसित की जाएँगी।
- स्थायी परिसर तैयार होने तक सितंबर 2026 से आचार्य नागार्जुन विश्वविद्यालय, गुंटूर के अस्थायी केंद्र में शैक्षणिक एवं कौशल-विकास कार्यक्रम शुरू करने की योजना है।
- परियोजना के अंतर्गत पाँच वर्षों में लगभग 8,250 विद्यार्थियों एवं पेशेवरों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है।
लेखक- विजय प्रताप सिंह
संबंधित लिंक भी देखें…