प्रश्न – 18 फ़रवरी, 2026 को हुए समझौता -ज्ञापन (एमओयू) के अंतर्गत भारतीय खाद्य निगम(एफसीआई) द्वारा विश्व खाद्य कार्यक्रम(डब्ल्यूएफपी) को अधिकतम कितनी मात्रा में चावल की आपूर्ति की जाएगी?
(a) 1,00,000 मीट्रिक टन (b) 1,50,000 मीट्रिक टन
(c) 2,00,000 मीट्रिक टन (d) 2,50,000 मीट्रिक टन
उत्तर – (c)
व्याख्यात्मक उत्तर
- 18 फ़रवरी, 2026 को भारतीय खाद्य निगम(एफसीआई) और विश्व खाद्य कार्यक्रम(डब्ल्यूएफपी) ने भूख से लड़ने के उद्देश्य से चलाए जा रहे वैश्विक मानवीय अभियानों के समर्थन में चावल की आपूर्ति के लिए एक समझौता -ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
- समझौता -ज्ञापन (एमओयू) पर भारत सरकार की ओर से भारतीय खाद्य निगम(एफसीआई) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक रवींद्र कुमार अग्रवाल तथा विश्व खाद्य कार्यक्रम(डब्ल्यूएफपी) के उप-कार्यकारी निदेशक कार्ल स्काउ (Carl Skau) ने खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।
- इस समझौता – ज्ञापन(एमओयू) के तहत, एफसीआई डब्ल्यूएफपी को 2,00,000 मीट्रिक टन चावल(अधिकतम 25% तक टूटे दाने) की आपूर्ति करेगा।
- यह समझौता – ज्ञापन हस्ताक्षर की तिथि से पांच वर्ष की अवधि तक वैध रहेगा और पारस्परिक सहमति से इसे आगे बढ़ाया जा सकता है।
- मूल्य का निर्धारण प्रतिवर्ष पारस्परिक सहमति से किया जाएगा, जिसमें वर्तमान मूल्य 31 मार्च 2026 तक 2,800 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
- यह समझौता भारत की वैश्विक खाद्य-सुरक्षा और मानवीय सहायता अभियानों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
लेखक- विजय प्रताप सिंह
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