प्रश्न – प्रतिवर्ष ‘भारतीय अक्षय ऊर्जा दिवस’ कब मनाया जाता है?
(a) 17 अगस्त (b) 20 अगस्त
(c) 26 अगस्त (d) 24 अगस्त
उत्तर – (b)
व्याख्यात्मक उत्तर
- 20 अगस्त‚ 2025 को देश भर में ‘भारतीय अक्षय ऊर्जा दिवस’ मनाया गया।
- उल्लेखनीय है कि यह दिवस देश में अक्षय ऊर्जा संसाधनों के महत्व को चिन्हित करने हेतु मनाया जाता है।
- इस दिवस की शुरुआत वर्ष 2004 में अक्षय ऊर्जा विकास कार्यक्रमों का समर्थन करने और ऊर्जा के पारंपरिक स्रोतों के बजाय इसके उपयोग को बढ़ावा देने के लिए की गई थी।
- अंतरराष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसी आरई सांख्यिकी 2025 के अनुसार –
- भारत स्थापित अक्षय ऊर्जा क्षमता के मामले में विश्व स्तर पर चौथे, पवन ऊर्जा मामले में चौथे और सौर ऊर्जा क्षमता में तीसरे स्थान पर है
- भारत ने 1,08,494 गीगावाट घंटा सौर ऊर्जा का उत्पादन किया जो जापान के 96,459 गीगावाट घंटा से अधिक है।
- वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान भारत की सोलर मॉड्यूल विनिर्माण क्षमता 38 गीगावाट से बढ़कर 74 गीगावाट हो गई।
- भारत की कुल स्थापित विद्युत क्षमता 484.82 गीगावाट में नवीकरणीय ऊर्जा का योगदान अब 50.07 प्रतिशत है – यह सीओपी26 की प्रतिबद्धता है जो 2030 के लक्ष्य से पांच वर्ष पहले ही प्राप्त हो गई है।
- भारत की संचयी सौर ऊर्जा क्षमता जुलाई, 2025 तक 119.02 गीगावाॅट थी।
- जम्मू-कश्मीर का पल्ली गांव एक उल्लेखनीय उदाहरण बन गया, जो पूरी तरह से सौर ऊर्जा पर चलने के कारण भारत की पहली कार्बन-न्यूट्रल पंचायत के रूप में उभरा।
- मध्य प्रदेश स्थित ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर पार्क जो , एशिया के सबसे बड़े फ्लोटिंग सोलर पार्कों में से एक है जिसकी नियोजित क्षमता 600 मेगावाट है।
लेखक- विवेक त्रिपाठी
संबंधित लिंक भी देखें…
https://www.pib.gov.in/PressNoteDetails.aspx?id=155063&NoteId=155063&ModuleId=3
