प्रश्न – 21 जुलाई, 2025 को राज्यसभा द्वारा पारित ‘बिल्स ऑफ लैडिंग, 2025’ विधेयक किस पुराने अधिनियम को प्रतिस्थापित करेगा?
(a) भारतीय शिपिंग अधिनियम, 1958
(b) भारतीय समुद्री व्यापार अधिनियम, 1923
(c) भारतीय लैडिंग बिल अधिनियम, 1856
(d) भारतीय पोत अधिनियम, 1917
उत्तर – (c)
व्याख्यात्मक उत्तर
- 21 जुलाई, 2025 को राज्यसभा द्वारा ‘बिल्स ऑफ लैडिंग, 2025’ विधेयक पारित किया गया।
- यह विधेयक का मुख्य उद्देश्य भारतीय लैडिंग बिल अधिनियम, 1856 (जो ब्रिटिश काल का एक पुराना कानून था) की जगह लेगा।
- इस विधेयक में समुद्री व्यापार से जुड़े कानूनों को आज के समय के अनुसार आधुनिक और सरल बनाने का प्रावधान किया गया है।
- यह विधेयक भारत के समुद्री कानूनों को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के साथ जोड़ता है, जिससे वैश्विक व्यापार करना आसान हो जाएगा।
- पुराने नियमों को हटाकर, यह विधेयक शिपिंग और लॉजिस्टिक्स की प्रक्रियाओं को आसान बनाता है, जिससे व्यापार में सुगमता होगी।
- यह विधेयक भारत में समुद्री व्यापार और परिवहन के लिए एक नया और आधुनिक कानूनी ढांचा तैयार करता है, जो पुराने और अप्रचलित कानून की जगह लेगा।
- इसका लक्ष्य व्यापार को बढ़ावा देना, प्रक्रियाओं को आसान बनाना और भारत को वैश्विक व्यापार के क्षेत्र में और भी मजबूत बनाना है।
- ध्यातव्य है कि ‘बिल्स ऑफ लैडिंग’ (Bill of Lading) एक कानूनी दस्तावेज़ है जो समुद्री या अन्य परिवहन माध्यमों से सामान भेजने में इस्तेमाल होता है।
- यह एक तरह की रसीद, मालवाहक और शिपर (सामान भेजने वाले) के बीच का अनुबंध, और माल के स्वामित्व का प्रमाण होता है।
लेखक- विजय प्रताप सिंह
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