बाथौइज़्म

प्रश्न – फरवरी, 2025 में असम में बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (बीटीआर) सरकार ने विभिन्न आवेदन पत्रों के धर्म कॉलम में आधिकारिक विकल्प के रूप में “बाथौइज़्म” को शामिल करने को मंजूरी प्रदान की। बाथौइज़्म किस समुदाय की पारंपरिक आस्था से संबंधित है?
(a) गारो (b) खासी
(c) बोडो (d) मिज़ो
उत्तर – (c)


व्याख्यात्मक उत्तर

  • फरवरी, 2025 में असम में बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (बीटीआर) सरकार ने विभिन्न आवेदन पत्रों के धर्म कॉलम में आधिकारिक विकल्प के रूप में “बाथौइज़्म” को शामिल करने को मंजूरी प्रदान की।
  • यह शैक्षणिक संस्थानों के लिए प्रवेश फॉर्म और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तहत जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे प्रमुख दस्तावेजों पर लागू होता है।
  • बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (बीटीसी) की हाल ही में हुई कार्यकारी परिषद (ईसी) की बैठक में इस निर्णय को अंतिम रूप दिया गया।
  • परिषद ने राष्ट्रीय जनगणना में बाथौइज़्म को मान्यता देने के लिए भारत के महापंजीयक (आरजीआई) से औपचारिक रूप से अनुरोध करने का भी संकल्प लिया।
  • बीटीसी और असम के तहत आने वाले सरकारी विभागों को इन बदलावों को लागू करने का निर्देश दिया जाएगा।
  • बोडो समुदाय की पारंपरिक आस्था बाथौइज्म बाथौ ब्रवाई की पूजा के इर्द-गिर्द घूमती है, जिन्हें सर्वोच्च देवता माना जाता है।
  • इस कदम को बोडो लोगों की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को संरक्षित करने में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
  • बाथौइज़्म ( जिसे बाथौ भी कहा जाता है ) पूर्वोत्तर भारत में असम के बोरो लोगों का लोक धर्म है ।

लेखक- विजय प्रताप सिंह 

संबंधित लिंक भी देखें…

https://www.downtoearth.org.in/environment/assam-move-to-recognise-bathousim-highlights-government-commitment-to-preserve-nature-based-faiths-says-expert