प्रश्न – निम्न कथनों पर विचार कीजिए –
1. 17 मई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वीडन के गोथेनबर्ग की आधिकारिक यात्रा की।
2.इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वीडन के सर्वोच्च सम्मान ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार, डिग्री कमांडर ग्रैंड क्रॉस’ से सम्मानित किया गया ।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(a) केवल 1 (b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों (d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (c)
व्याख्यात्मक उत्तर
- 17 मई 2026 को स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वीडन के गोथेनबर्ग की आधिकारिक यात्रा की।
- दोनों प्रधानमंत्रियों ने 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन, “टुवर्ड्स 2030: ए जॉइंट इंडिया-यूरोपियन यूनियन कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक एजेंडा”, भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते के निष्कर्ष और गतिशीलता पर सहयोग के व्यापक ढांचे के महत्व पर बल दिया।
- दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत-ईयू संबंधों को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
- भारत और स्वीडन के बीच दीर्घकालिक मैत्री, द्विपक्षीय सहयोग के व्यापक दायरे और रणनीतिक हितों की समानता को मान्यता देते हुए, दोनों प्रधानमंत्रियों ने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
- यह साझेदारी चार स्तंभों पर आधारित है:
i) स्थिरता और सुरक्षा के लिए रणनीतिक संवाद;
ii) अगली पीढ़ी की आर्थिक साझेदारी;
iii) उभरती प्रौद्योगिकियां और विश्वसनीय कनेक्टिविटी; और
iv) कल को मिलकर आकार देना — लोग, पृथ्वी और लचीलापन। - इस अवसर पर रणनीतिक साझेदारी के कार्यान्वयन के लिए उन्नत संयुक्त कार्य योजना 2026–2030 को स्वीकृति दी गई।
- दोनों प्रधानमंत्रियों ने राजनीतिक, राजनयिक और रक्षा स्तरों पर संवाद को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की, जिसमें दोनों राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और उनके संबंधित कार्यालयों के बीच आदान-प्रदान शामिल है।
- दोनों प्रधानमंत्रियों ने आर्थिक सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखलाओं की सुरक्षा के महत्व को रेखांकित किया तथा पांच वर्षों के भीतर द्विपक्षीय आर्थिक आदान-प्रदान — व्यापार और निवेश — को दोगुना करने के साझा उद्देश्य की घोषणा की, जिसमें “मेक इन इंडिया” और “मेड विद स्वीडन” पहलों के माध्यम से सहयोग भी शामिल है।
- उन्होंने इंडिया-स्वीडन बिजनेस लीडर्स राउंड टेबल (ISBLRT) की महत्वपूर्ण भूमिका को मान्यता दी और सहमति व्यक्त की कि “इंडिया–स्वीडन: स्ट्रॉन्गर टुगेदर — टुवर्ड्स 2047” शीर्षक से एक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन 2027 में भारत में आयोजित किया जाएगा।
- दोनों प्रधानमंत्रियों ने सहमति व्यक्त की कि स्वीडन और भारत एक उन्नत संयुक्त नवाचार साझेदारी 2.0 शुरू करेंगे और भारत-स्वीडन संयुक्त विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केंद्र (ISJSTC) की स्थापना करेंगे।
- दोनों प्रधानमंत्रियों ने अंतरिक्ष और भू-स्थानिक प्रौद्योगिकियों में बढ़े हुए सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
- उन्होंने भारत की एक अग्रणी अंतरिक्ष राष्ट्र के रूप में भूमिका और स्वीडन के एस्रेंज स्पेस सेंटर की भूमिका का संज्ञान लिया।
- उन्होंने भारतीय शुक्र ऑर्बिटर मिशन पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और स्वीडिश इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस फिजिक्स के बीच सहयोग का भी स्वागत किया।
- दोनों प्रधानमंत्रियों ने लीडरशिप ग्रुप फॉर इंडस्ट्री ट्रांजिशन (LeadIT) के विस्तार और बढ़ती भागीदारी का स्वागत किया तथा भारी उद्योगों के संक्रमण में तेजी लाने के लिए इस वैश्विक आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।
- इस उद्देश्य से दोनों प्रधानमंत्रियों ने LeadIT के नए चार-वर्षीय चरण, LeadIT 3.0, की घोषणा COP31 में किए जाने का आह्वान किया। दोनों प्रधानमंत्रियों ने द्विपक्षीय स्वीडन-इंडिया इंडस्ट्री ट्रांजिशन पार्टनरशिप (ITP) के महत्व को भी मान्यता दी।
- इस यात्रा के दौरान गोथेनबर्ग में आयोजित एक विशेष समारोह में स्वीडन की राजकुमारी, हर रॉयल हाईनेस क्राउन प्रिंसेस विक्टोरिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वीडन के सर्वोच्च सम्मान ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार, डिग्री कमांडर ग्रैंड क्रॉस’ से सम्मानित किया गया ।
- यह स्वीडन के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक है, जिसकी स्थापना 18वीं शताब्दी में की गई थी।
- यह पुरस्कार स्वीडन का सर्वोच्च सम्मान है, जो विदेशी शासनाध्यक्षों को असाधारण सार्वजनिक सेवा और स्वीडन के साथ संबंधों को मजबूत करने में योगदान के लिए प्रदान किया जाता है।
लेखक- विवेक त्रिपाठी
संबंधित लिंक भी देखें…
https://www.pib.gov.in/PressReleaseDetail.aspx?PRID=2262096®=6&lang=1
