प्रधानमंत्री द्वारा राजस्थान में विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास

प्रश्न – 25 सितंबर, 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राजस्थान में उद्घाटन/शिलान्यास की गई परियोजनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा तथ्य सही नहीं है?
(a) प्रधानमंत्री ने बांसवाड़ा जिले में अणुशक्ति विद्युत निगम लिमिटेड (अश्विनी) की माही बांसवाड़ा राजस्थान परमाणु ऊर्जा परियोजना (4×700 मेगावाट) की आधारशिला रखी।
(b) राजस्थान में 42,000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह परियोजना देश की सबसे बड़ी परमाणु ऊर्जा इकाइयों में से एक होगी।
(c) प्रधानमंत्री ने राजस्थान में 29,210 करोड़ रुपये की सौर ऊर्जा परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जो जयपुर, जोधपुर और अजमेर जिलों में स्थापित हो रही हैं।
(d) प्रधानमंत्री ने राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और कर्नाटक में पीएम-कुसुम योजना (घटक ग) के तहत 16,050 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 3517 मेगावाट की फीडर स्तरीय सौर परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
उत्तर – (c)


व्याख्यात्मक उत्तर

  • 25 सितंबर, 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में 1,22,100 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
  • प्रधानमंत्री ने अणुशक्ति विद्युत निगम लिमिटेड (अश्विनी) की माही बांसवाड़ा राजस्थान परमाणु ऊर्जा परियोजना (4×700 मेगावाट) की आधारशिला रखी।
  • 42,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली यह परियोजना देश की सबसे बड़ी परमाणु ऊर्जा इकाइयों में से एक होगी।
  • इस परियोजना में एनपीसीआईएल द्वारा डिजाइन और विकसित उन्नत सुरक्षा सुविधाओं के साथचार स्वदेशी 700 मेगावाट प्रेशराइज्ड हेवी वाटर रिएक्टर ‘फ्लीट मोड’ रणनीति के अंतर्गत बनाए जाएंगे।
  • प्रधानमंत्री ने राजस्थान में 19,210 करोड़ रुपये की सौर ऊर्जा परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
  • जैसलमेर, जालोर, सीकर और बीकानेर में स्थापित हो रही ये परियोजनाएँ लाखों टन कार्बन उत्सर्जन को रोकने में सहायक होंगी।
  • इसके अतिरिक्त आंध्र प्रदेश के रामागिरी में एक सौर पार्क की भी आधारशिला रखी।
  • उन्होंने भारत सरकार की नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र (आरईजेड) पहल के तहत 13,180 करोड़ रुपये से अधिक की तीन विद्युत पारेषण परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी।
  • जिसका उद्देश्य 2030 तक आठ राज्यों में 181.5 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विकसित करना है।
  • इसमें राजस्थान के ब्यावर से मध्य प्रदेश के मंदसौर तक 765 केवी ट्रांसमिशन लाइनें और संबंधित सबस्टेशनों का विस्तार; राजस्थान के सिरोही से मंदसौर और मध्य प्रदेश के खंडवा तक, साथ ही सिरोही सबस्टेशन की रूपांतरण क्षमता में वृद्धि और मंदसौर व खंडवा सब स्टेशनों का विस्तार; और राजस्थान के बीकानेर से हरियाणा के सिवानी और फतेहाबाद और आगे पंजाब के पटरान तक 765 केवी और 400 केवी ट्रांसमिशन लाइन, साथ ही बीकानेर में सब स्टेशनों की स्थापना और सिवानी सब स्टेशन का विस्तार शामिल है।
  • जैसलमेर और बीकानेर में तीन ग्रिड सब स्टेशनों (जीएसएस) की आधारशिला रखी, जिनमें 220 केवी और संबंधित लाइनें शामिल हैं।
  • उन्होंने बाड़मेर जिले के शिव में 220 केवी जीएसएस का भी उद्घाटन किया जिसक निर्माण लागत 490 करोड़ रुपये से अधिक है।
  • रामजल सेतु लिंक परियोजना को बढ़ावा देने और जल सुरक्षा के अपनी कल्पना को आगे बढ़ाते हुए, प्रधानमंत्री ने राजस्थान में 20,830 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई जल संसाधन परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया।
  • प्रधानमंत्री ने अटल कायाकल्प और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत) 2.0 के अंतर्गत बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर, सवाई माधोपुर, चूरू, अजमेर, भीलवाड़ा जिलों में 5,880 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली प्रमुख पेयजल आपूर्ति परियोजनाओं की आधारशिला रखी।
  • प्रधानमंत्री ने भरतपुर शहर में फ्लाईओवर, बनास नदी पर एक पुल और 116 अटल प्रगति पथ परियोजनाओं का शिलान्यास किया।
  • उन्होंने बाड़मेर, अजमेर, डूंगरपुर जिलों सहित अन्य जिलों में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों से संबंधित कई सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पित भी किया, जिनकी लागत 2,630 करोड़ रुपये से अधिक है।
  • भरतपुर में 250 बिस्तरों वाले आरबीएम अस्पताल, जयपुर में आईटी विकास और ई-गवर्नेंस केन्द्र, मकराना शहर में ट्रीटमेंट प्लांट और पंपिंग स्टेशनों सहित सीवरेज प्रणाली तथा मंडावा और झुंझुनू जिले में सीवरेज और जलापूर्ति परियोजना का भी उद्घाटन किया।
  • प्रधानमंत्री ने तीन ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिनमें बीकानेर और दिल्ली कैंट के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन, जोधपुर और दिल्ली कैंट के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन और उदयपुर सिटी-चंडीगढ़ एक्सप्रेस शामिल हैं।
  • राजस्थान के सरकारी विभागों और संगठनों में नवनियुक्त 15,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। इनमें 5770 से अधिक पशुपालक, 4190 कनिष्ठ सहायक, 1800 कनिष्ठ प्रशिक्षक, 1460 कनिष्ठ अभियंता, 1200 तृतीय श्रेणी लेवल-2 शिक्षक आदि शामिल हैं।

लेखक- विजय प्रताप सिंह

संबंधित लिंक भी देखें…

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2171389