प्रश्न – पुनात्सांगचू-III जलविद्युत परियोजना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए –
- इसकी प्रस्तावित स्थापित क्षमता 920 मेगावाट है।
- इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) केवल भूटान सरकार द्वारा तैयार की जा रही है।
- परियोजना के संयुक्त विकास के लिए 12 अगस्त, 2026 को ड्रुक ग्रीन पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (डीजीपीसी) और जेएसडब्ल्यू नियो एनर्जी लिमिटेड ने शेयरधारक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 1 और 3
(c) केवल 2 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर – (b)
व्याख्यात्मक उत्तर
- 12 अगस्त, 2026 को ड्रुक होल्डिंग एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड (डीएचआई) की सहायक कंपनी ड्रुक ग्रीन पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (डीजीपीसी) और जेएसडब्ल्यू एनर्जी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी जेएसडब्ल्यू नियो एनर्जी लिमिटेड ने भूटान के वांगडू फोडरंग (Wangdue Phodrang) जोंगखाग में 920 मेगावाट की पुनात्सांगचू-III जलविद्युत परियोजना के संयुक्त विकास के लिए शेयरधारक समझौते (SHA) पर हस्ताक्षर किए।
- समझौते पर हस्ताक्षर भूटान के प्रधानमंत्री की उपस्थिति में किए गए।
- इस समझौते के अनुसार परियोजना के विकास के लिए एक संयुक्त उद्यम कंपनी गठित की जाएगी, जिसमें डीजीपीसी की 51 प्रतिशत और जेएसडब्ल्यू एनर्जी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी जेएसडब्ल्यू नियो एनर्जी की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी।
- यह परियोजना जेएसडब्ल्यू एनर्जी के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भारत के बाहर कंपनी की पहली बिजली उत्पादन परियोजना होगी।
- फिलहाल डीजीपीसी और जेएसडब्ल्यू एनर्जी संयुक्त रूप से परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर रहे हैं।
लेखक- विजय प्रताप सिंह
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https://www.waterpowermagazine.com/news/jsw-energy-dgpc-partner-on-punatsangchhu-iii