प्रश्न – अगस्त‚ 2023 में भारी उद्योग मंत्रालय ने किस कंपनी को पीएलआई-एसीसी योजना के लिए स्वतंत्र अभियंता के रूप में नियुक्त किया है?
(a) इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड
(b) रिलायंस एनर्जी लिमिटेड
(c) टाटा पॉवर
(d) एसीसी एनर्जी लिमिटेड
उत्तर – (a)
संबंधित तथ्य –

- भारी उद्योग मंत्रालय वर्ष 2023 तक 50 जीडब्ल्यूएच उत्पादन हासिल करने के लक्ष्य के साथ शेष 20 जीडब्ल्यूएच क्षमता हेतु स्वीकृति प्रदान करने की प्रक्रिया में है।
- हितधारकों द्वारा प्रोटोटाइप परीक्षण कार्य लगभग पूरा किया जा चुका है और व्यावसायिक उत्पादन वित्त वर्ष 2024 में क्रमिक चरणों में शुरू होने की उम्मीद है।
- इन हितधारक संगठनों द्वारा अब कुल 2090 करोड़ रुपये की राशि का निवेश किया जा चुका है।
- ओला सेल टेव्नâोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा कृष्णागिरी‚ तमिलनाडु में अपने विनिर्माण केंद्र की स्थापना की जा रही है।
- एसीसी एनर्जी स्टोरेज कर्नाटक के धारवाड़ में अपनी विनिर्माण गतिविधियों के लिए आवश्यक कार्य संपादित कर रही है।
- रिलायंस न्यू एनर्जी बैटरी स्टोरेज द्वारा जामनगर‚ गुजरात में अपनी विनिर्माण गतिविधियों की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।
- यह सभी हितधारक कंपनी एडवांस केमिस्ट्री सेल विनिर्माण के व्यवसाय में संलग्न हैं।
- उल्लेखनीय है कि भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा ‘मेक इन इंडिया’ के साथ ही आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को बढ़ावा देने हेतु 18,100 करोड़ रुपये बजटीय परिव्यय के साथ जून‚ 2021 में गीगा-स्कूल एसीसी विनिर्माण सुविधाओं की स्थापना के उद्देश्य से एडवांस केमिस्ट्री सेल (एसीसी) बैटरी स्टोरेज के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना शुरू की गई थी।
- इस परियोजना का उद्देश्य भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और बैटरी स्टोरेज के लिए इकोसिस्टम को सशक्त बनाना है।
- इसका लक्ष्य इन गतिविधियों को आत्मनिर्भर भारत पहल से जोड़ना है।
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