प्रश्न – पीएम-अजय पोर्टल और मोबाइल ऐप के संदर्भ में कौन-सा तथ्य सही नहीं है?
(a) इसका शुभारंभ केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने किया।
(b) पोर्टल का उद्देश्य हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
(c) यह पोर्टल केवल छात्रावास निर्माण की निगरानी के लिए विकसित किया गया है।
(d) पोर्टल सेवाओं की पारदर्शी और जवाबदेह डिलीवरी सुनिश्चित करेगा।
उत्तर – (c)
व्याख्यात्मक उत्तर
- मई, 2026 में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना यानी पीएम-अजय (PM-AJAY) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पीएम-अजय पोर्टल और पीएम-अजय मोबाइल ऐप लॉन्च किया।
- इस पोर्टल और मोबाइल ऐप का शुभारंभ केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार द्वारा किया गया।
- पीएम-अजय पोर्टल का उद्देश्य योजना से जुड़े सभी हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और लाभार्थियों तक सेवाओं की तेज, पारदर्शी और जवाबदेह डिलीवरी सुनिश्चित करना है।
- यह पोर्टल अनुसूचित जाति बहुल 47,000 से अधिक गांवों में सामाजिक-आर्थिक विकास की प्रगति को रिकॉर्ड करेगा।
- इसके अलावा योजना के सभी घटकों के अंतर्गत 40 लाख से अधिक लाभार्थियों से संबंधित जानकारी भी डिजिटल रूप से उपलब्ध होगी।
- इस पोर्टल को एक केंद्रीय डिजिटल डेटाबेस के रूप में विकसित किया गया है, जो माइलस्टोन-आधारित फंड फ्लो को सक्षम करेगा।
- पीएम-अजय योजना के तीन प्रमुख घटक हैं-आदर्श ग्राम, कौशल विकास और रोजगार के लिए अनुदान सहायता, तथा शैक्षणिक संस्थानों में छात्रावास।
- नए पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से इन तीनों घटकों की पूरी कार्यप्रणाली को डिजिटल बनाया जाएगा।
- आदर्श ग्राम घटक के तहत अब कागज आधारित योजना निर्माण की जगह गांव स्तर पर डिजिटल योजना तैयार की जाएगी।
- यह पोर्टल राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर व्यापक डैशबोर्ड उपलब्ध कराएगा, जिनके माध्यम से 10 विकासात्मक क्षेत्रों में 50 निगरानी योग्य सामाजिक-आर्थिक संकेतकों के आधार पर गांवों के विकास की प्रगति को मापा जाएगा।
- जैसे ही ग्राम विकास योजना यानी VDP को डिजिटल रूप से मंजूरी मिलेगी, पोर्टल स्वतः माइलस्टोन-आधारित ट्रैकिंग शुरू कर देगा।
- ग्रांट-इन-एड यानी GIA घटक के लिए यह पोर्टल एक केंद्रीकृत मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम के रूप में कार्य करेगा।
- इसके माध्यम से आजीविका, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़ी परियोजनाओं के लिए वित्तीय आवंटन, व्यय और प्रगति की निगरानी की जा सकेगी।
- वहीं छात्रावास घटक के अंतर्गत नए निर्माण, मरम्मत प्रस्तावों और भौतिक-आर्थिक प्रगति को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रैक किया जाएगा।
- पीएम-अजय मोबाइल ऐप को मौजूदा पीएमएजीवाई और पीएम-अजय पोर्टलों की सेवाओं को मोबाइल उपयोगकर्ताओं तक पहुंचाने के लिए एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है।
- इसके माध्यम से योजना संबंधी जानकारी, निगरानी, रिपोर्टिंग और लाभार्थी-केंद्रित सेवाएं मोबाइल पर उपलब्ध होंगी।
- यह ऐप फील्ड स्तर पर रियल-टाइम रिपोर्टिंग, निरीक्षण और लाभार्थी ट्रैकिंग को अधिक प्रभावी बनाएगा।
- इस मोबाइल ऐप की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह ऑफलाइन डोर-टू-डोर सर्वे की सुविधा देगा।
- आदर्श ग्राम घटक में फील्ड अधिकारी 50 सामाजिक-आर्थिक संकेतकों के आधार पर सर्वे कर सकेंगे और ग्राम विकास योजनाएं तैयार कर सकेंगे।
- ग्रांट-इन-एड यानी GIA घटक में लाभार्थियों का डिजिटल पंजीकरण, व्यक्तिगत आजीविका पहलों और कौशल प्रशिक्षण की प्रगति को रियल टाइम में ट्रैक किया जा सकेगा।
- छात्रावास घटक में मोबाइल ऐप के माध्यम से निर्माण और मरम्मत प्रस्ताव सीधे परियोजना स्थल से इलेक्ट्रॉनिक रूप में जमा किए जा सकेंगे।
- निरीक्षण अधिकारी निर्माण के विभिन्न चरणों पर जियो-टैग्ड और टाइम-स्टैम्प्ड फोटो अपलोड कर सकेंगे, जिससे भौतिक प्रगति की वास्तविक पुष्टि हो सकेगी।
- इस डिजिटल व्यवस्था में यूनिफाइड लॉगिन सिस्टम, भूमिका-आधारित एक्सेस कंट्रोल, जियो-टैगिंग, डैशबोर्ड रिपोर्टिंग, मोबाइल निरीक्षण, फोटो अपलोड, नोटिफिकेशन और मौजूदा पोर्टलों के साथ एकीकरण जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
- इससे योजना के क्रियान्वयन में दक्षता बढ़ेगी, वास्तविक समय में निगरानी संभव होगी, पारदर्शिता मजबूत होगी, रिपोर्टिंग तेज होगी और डेस्कटॉप आधारित प्रक्रियाओं पर निर्भरता कम होगी।
- इस पोर्टल और ऐप से मंत्रालय के अधिकारियों, राज्य और जिला प्रशासन, कार्यान्वयन एजेंसियों, गैर-सरकारी संगठनों, निरीक्षण अधिकारियों, छात्रावास प्रशासकों और फील्ड कर्मियों को लाभ मिलेगा।
लेखक- विजय प्रताप सिंह
संबंधित लिंक भी देखें…
https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2265530®=3&lang=1
https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2265106®=3&lang=1
